कन्नौज। ऐतिहासिक नगरी की पुरातन संपदा और ऐतिहासिक स्थलों को सहेजने और संवारने की कवायद शुरू की गई है। एडीएम की अध्यक्षता में इतिहास संकलन समिति का गठन किया गया है। पांच सदस्यीय समिति के सदस्यों ने ऐतिहासिक स्थलों का निरीक्षण कर उनसे जुड़ी रोचक जानकारी, तथ्यों और विशेषताओं का संकलन कर रिपोर्ट बनाना शुरू कर दिया।
कन्नौज जिले और शहर का इतिहास से पुराना नाता है। यहां की सांस्कृतिक धरोहरों, संग्रहालयों और अन्य ऐतिहासिक संपदाओं का बड़ा महत्व है। करीब एक माह पूर्व शासन से आए पत्र के अनुसार एडीएम गजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय टीम ने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को चिह्नित करने के काम शुरू कर दिया। यह समिति पुरातन स्थलों की स्थिति, क्षेत्रफल, ऐतिहासिक मान्यता, अनुमानित निर्माण वर्ष समेत कई बिंदुओं को समाहित कर रिपोर्ट तैयार करेंगे। एडीएम ने बताया कि रिपोर्ट तैयार होने के बाद इनको संभारने का काम किया जाएगा।
जिले में ये हैं प्रमुख ऐतिहासिक स्थल
बाबा गौरीशंकर मंदिर, लाख बहोसी पक्षी बिहार, महादेवी गंगा घाट, जयचंद्र का किला, पुरातत्व संग्रहालय, अजयपाल मंदिर, क्षेमकली मंदिर, रिजगिर के भग्नावशेष, विशुनगढ़ का किला, अन्नपूर्णा मंदिर तिर्वा, फूलमती देवी मंदिर, गोवर्धनी देवी मंदिर, रौजा बाला पीर और रौजा मेहंदी (मुगलकालीन मकबरे), मखदूम जहानियां (मस्जिद शर्की वास्तुकला) है।