कन्नौज। कोरोना के बढ़ते संक्रमण से एक बार फिर पूरा देश प्रभावित है। इस बार कोरोना वायरस सीधे फेफड़ों पर असर डाल रहा है। इससे सांस लेने में परेशानी हो रही है और ऑक्सीजन लेवल में कमी आ रही है। ऐसे में जरूरी है कि मरीज अपना ऑक्सीजन लेवल समय-समय पर चेक करते रहें। इसके लिए ऑक्सीमीटर को सही तरीके से उपयोग करने की जरूरत है यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कृष्ण स्वरूप का।
सीएमओ ने बातचीत में बताया कि जो मरीज कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं और होम आइसोलेशन में हैं। वह समय पर डॉक्टर के परामर्श अनुसार दवाएं लें। समय-समय पर अपना ऑक्सीजन लेवल चेक करते रहे। इस दौरान घर में ही रहकर फिर फेफड़ों संबंधी योगा करते रहें।
ये करें फेफड़े संबंधी योग
- सुबह उठकर अनुलोम-विलोम करें।
- सीढ़ियों पर चढ़े उतरे।
- गुब्बारों को मुंह से हवा देकर फुलाएं।
- 20 से 60 सेकेंड तक सांस को रोकें। यह क्रिया तीन बार करें।
लक्षण दिखने पर क्या करें
- घबराए नहीं। डॉक्टर से सलाह लें।
- अपने फेफड़ों का सीटी स्कैन कराएं
- हर आधे घंटे पर ऑक्सीमीटर से अपना ऑक्सीजन लेवल चेक करें।
- परिवार के अन्य लोगों से दूरी बनाएं रखें।
- अपने आप को किसी अन्य के संपर्क में न आने दें।
- खाली पेट बिल्कुल न रहें। खाली पेट रहने से वायरस आपके आपके शरीर को ज्यादा प्रभावित कर सकता है।
कैसे पहचानें आपके फेफड़े हो रहे संक्रमित
- यदि सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो समझ लें की वायरस फेफड़ों को संक्रमित कर रहा है।
- फेफड़े के निचले हिस्से में सूजन या तेज दर्द हो तो तुरंत डाक्टर से सलाह लें।
- सूखी खांसी आना, खांसते वक्त सीने में दर्द होना भी कोरोना का लक्षण है।
ऐसे करें ऑक्सीमीटर का उपयोग
- ऑक्सीमीटर का उपयोग करने से पहले उंगली को साफ कर लें ।
- उंगली पर नाखून पॉलिश या रंग इत्यादि न लगा हो।
- ऑक्सीमीटर को पूरे एक मिनट तक उंगली पर लगाएं।
- इसके बाद जब रीडिंग थम जाएं तब उस रीडिंग को देखें।
- यदि मीटर रीडिंग नहीं थम रही है तो स्वस्थ व्यक्ति पर उसे उपयोग करके देखें।
- यदि स्वस्थ व्यक्ति पर भी रीडिंग व्यक्ति पर भी रीडिंग नहीं थम रही है तो ऑक्सीमीटर खराब हो सकता है।
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