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कन्नौज: गंगा में तलाशी जाएंगी डॉल्फिन, 30 को पहुंचेगी टीम

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शहर का महादेवी गंगा घाट। - फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। जीपीएस की मदद से नमामि गंगे टीम के साथ वर्ल्ड वाइल्ड टीम जिले में गंगा की तलहटी खंगालेगी। 27 जनवरी से बिजनौर से रवाना होने वाली गंगा विहार यात्रा के साथ यह टीम 30 जनवरी को शहर के महादेवी घाट पर पहुंचेगी। गंगा की निर्मलता परखने के साथ ही किनारे बसे गांवों में विकास के लिए निरीक्षण भी करेगी।
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गंगा को प्राचीन स्वरूप में लाने के साथ ही किनार बसे गांवों में विकास कार्य कराने के लिए 27 जनवरी से बिजनौर और बलिया से नमामि गंगे की केंद्रीय और राज्य की दो टीमें पांच दिवसीय गंगा विहार यात्रा के लिए रवाना होंगी। इनके साथ वर्ल्ड वाइल्ड टीम भी होगी। यह टीम गंगा में जीपीएस की मदद से डॉल्फिन तलाशने का काम करेगी। दरअसल 2009 में भारत सरकार ने डॉल्फिन (सूंस) को राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया था। इसके बाद अभियान चलाकर गंगा में डॉल्फिन की संख्या बढ़ाने के लिए प्रयास शुरू हुए थे। 2017 में बिजनौर और मेरठ के आसपास 32, 2018 में 33 और 2019 में 35 डॉल्फिन पाई गई थीं।
इससे वर्ल्ड वाइल्ड टीम ने गंगा में डॉल्फिन की संख्या बढ़ने के लिए कानपुर तक जीपीएस की मदद से इन्हें खोजने का अभियान शुरू किया है। डॉल्फिन हर तीन मिनट में पानी की सतह पर सांस लेकर अंदर चली जाती है। इससे इसे सूंस के नाम भी जाना जाता है। जिला वन अधिकारी जवाहर लाल गुप्ता ने बताया कि 30 जनवरी को टीम महादेवी घाट पर पहुंचेगी। इसको लेकर तैयारियां चल रही हैं। गंगा विहार यात्रा का मुख्य उद्देश्य गंगा की निर्मलता, गंगा किनारे बसे गांवाें को जागरुकता के आधार पर विकसित करना और जलीय जंतुओं का संरक्षण है।
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केंद्रीय मंत्री के नेतृत्व में आएगी टीम
बिजनौर से आने वाले टीम 30 जनवरी को शहर के महादेवी घाट पर ठहरेगी। टीम का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री के पास होगा। केंद्रीय मंत्री के साथ घाट पर राज्यमंत्री के साथ सांसद और स्थानीय अधिकारी अभियान को सफल बनाएंगे।
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