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लौकी जैसे हरे बैंगन की खेती करेंगे किसान

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कन्नौज: सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल में पौधे में लगे हरे बैंगन। - फोटो : KANNAUJ
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तिर्वा(कन्नौज)। जिले के किसान अब लौकी की तरह दिखने वाले हरे बैंगन की खेती कर सकेंगे। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल में इसकी पौध तैयार की गई है। जल्द किसानों को खेती के लिए पौध मुहैया कराई जाएगी। इसे उगाकर किसान अपनी आय दोगुनी कर सकेंगे।
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किसानों की आय बढ़ाने केे लिए शोध और जागरुकता के लिए उमर्दा कस्बे के पास इस्राइल तकनीक पर आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल संस्थान है। यहां कई विदेशी सब्जियों की पौध तैयार कर किसानों को खेती का अवसर दिया जाता है। यहां के वैज्ञानिकों ने इस बार लौकी जैसे दिखने वाले बैंगन की पौध तैयार की है। यह पौध महाराष्ट्र से बीज लाकर तैयार की गई है। सेंटर के प्रभारी डीएस यादव ने बताया कि पौध लगाने का काम सफल हुआ है। अच्छी पैदावार भी हुई है। जल्द बड़े पैमाने पर पौध लगाई जाएगी। इसके बाद जिले के अलावा पड़ोसी जनपद के किसानों को जागरूक कर हरे बैंगन की पौध देकर खेती कराई जाएगी। इससे किसानों की आय दोगुनी होगी।
बेहद पौष्टिक है हरा बैंगन
इलाके में उगाए जाने वाले की अपेक्षा हरा बैंगन पौष्टिक है। इसमें हरी पत्तेदार सब्जियों में पाए जाने वाला आयरन, कैल्शियम, विटामिन ए और बी है। इससे बाजार में हरे बैंगन की मांग होती है। इसकी पैदावार से किसानों काफी फायदा होगा। इसके साथ ही यह अन्य पारंपरिक बैंगन के मुकाबले बाजार में ज्यादा मूल्य पर भी बिकेगा।
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ये रहेगी बुवाई से फल तक की प्रक्रिया
- सेंटर फॉर एक्सीलेंस में अगस्त तक वृहद स्तर पर बीज लगाया जाएगा।
- सितंबर में इसकी पौध को किसान खरीद सकेंगे और खेत में लगा सकेंगे।
- अक्तूबर के अंत तक यानी डेढ़ माह में पौधे में फल आने लगते हैं।
- जून तक पौध से फल (बैंगन) की तुड़ाई व बिक्री की जा सकेगी।
- पौधे में आम बैंगन से डेढ़ गुना ज्यादा पैदावार होने का दावा है।
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