कन्नौज। जिला प्रशासन की सख्ती के आगे आखिरकार लेखपाल टूट गए। हड़ताल पर दो फाड़ हुए लेखपाल संघ के एक गुट ने शहर के एक गेस्ट हाउस में गुपचुप बैठक आयोजित कर ली। प्रांतीय अध्यक्ष और कुछ और पदाधिकारियों के लखनऊ से आने की बात भी सामने आई। इसकी जानकारी पर जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने एसडीएम सदर और सीओ सिटी को मौके पर भेजकर बैठक रुकवा दी। गेस्ट हाउस खाली करा दिया। गेस्ट हाउस संचालक को बिना अनुमति के बैठक के लिए गेस्ट हाउस देने पर फटकार लगा दी। पुलिस ने गेस्ट हाउस में ताला डाल दिया। उधर, तीनों तहसीलों के एसडीएम लगातार लेखपालों के संपर्क में रहे। हड़ताल स्थगित करने वाले गुट ने काम पर लौटने की जानकारी दी। कई लेखपालों ने आज काम भी किया। दैवी आपदा से संबंधित अपने क्षेत्र की रिपोर्ट प्रशासन को भेजी है। डीएम ने सख्त आदेश दिए हैं कि यदि किसी लेखपाल के क्षेत्र में दैवी आपदा होती है और वह गैरहाजिर मिलता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कमिश्नर सुभाषचंद्र शर्मा और आईजी मोहित अग्रवाल के साथ शुक्रवार शाम को हुई लेखपाल संघ की बैठक के बाद संघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश मिश्रा और समर्थन दे रहे कर्मचारी संगठनों के जिलाध्यक्षों ने 25 सितंबर से चल रही हड़ताल स्थगित कर दी थी। लेखपाल संघ का एक गुट जिलामंत्री सोबरनलाल भारतीय के पक्ष में आ गया। इन्होंने हड़ताल जारी करने की घोषणा कर दी। इसकी जानकारी पर जिलाधिकारी ने जिले में धारा 144 लागू कर दी। बिना अनुमति के धरना प्रदर्शन पर रोक लगा दी। लेखपालों को आदेश जारी किए गए कि बिना अनुमति के कोई भी अपना क्षेत्र न छोड़े। दैवी आपदा की घटनाओं पर नजर रखें। ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। जिला प्रशासन के सख्त रुख के बाद कई लेखपाल काम पर लौट आए। कुछ लेखपालों ने जिला मंत्री के साथ बैठक की रणनीति तैयार कर ली। शहर के एक गेस्ट हाउस को बैठक के लिए चुन लिया गया। शनिवार सुबह लेखपाल जिलाध्यक्ष अखिलेश मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रपाल सिंह, जिला मंत्री सोबरनलाल भारतीय की अगुवाई में गेस्ट हाउस पहुंच गए। इसी दौरान जिलाधिकारी रवींद्र कुमार को इसकी जानकारी हो गई। उन्होंने जिले में धारा 144 लागू होने के बाद भी इस तरह की बैठक पर एसडीएम सदर शैलेष कुमार और सीओ सिटी श्रीकांत प्रजापति से नाराजगी जताई। बैठक को रुकवाने के निर्देश दिए। एसपी अमरेंद्र प्रसाद को फोन कर फोर्स भेजने के लिए कहा। कुछ ही देर में एसडीएम सदर, सीओ सिटी और इंस्पेक्टर विनोद कुमार मिश्रा गेस्ट हाउस पहुंच गए।
पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रपाल सिंह ने बैठक न करने और साथी लेखपाल का जन्मदिन मनाने की बात कही तो एसडीएम सदर ने नाराजगी जताई। पुलिस ने बिना अनुमति के गेस्ट हाउस देने पर मैनेजर को फटकार दिया। कुछ लेखपाल अपनी गिरफ्तारी को लेकर अड़ गए। बाद में एसडीएम से लेखपालों की वार्ता होने के बाद जिलाधिकारी से मिलने का समय मांगा गया। इस पर बात नहीं बनी। इसके बाद पुलिस ने सख्ती के साथ गेस्ट हाउस को खाली करा दिया। इस दौरान प्रांतीय नेतृत्व से मध्य जोन प्रभारी भूपेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष रामपूजनराम, खंड मंत्री अशोक यादव, संगठन मंत्री मनोज त्रिपाठी भी मौजूद रहे।
अफसरों से बनी सहमति, हड़ताल स्थगित: जिलाध्यक्ष
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश मिश्रा ने कहा कि शुक्रवार को कमिश्नर, आईजी और डीएम के साथ वार्ता में जो सहमति बनी थी, उस पर वह कायम हैं। लेखपालों ने जिला प्रशासन को 14 दिन का समय देकर हड़ताल स्थगित कर दी है। जनता की समस्याओं और दैवी आपदा जैसी समस्याओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। लेखपाल काम पर लौट आए हैं। सोमवार से पूरी तरह से सभी अपने क्षेत्र में जिम्मेदारी संभाल लेंगे।
जिलाध्यक्ष के फैसले से सहमत: जिलामंत्री
शुक्रवार को लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश मिश्रा के निर्णय से विपरीत जाते हुए हड़ताल पर कायम रहने का फैसला लेने वाले संघ के जिलामंत्री सोबरनलाल लाल भारतीय ने भी शनिवार को जिलाध्यक्ष के फैसले से सहमति जताई। इन्होंने कहा कि वह जिलाध्यक्ष के कदम से पूरी तरह से सहमत हैं।
लेखपालों के साथ बन गई है आपसी सहमति: डीएम
जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने कहा कि लेखपालों के साथ शुक्रवार को ही हड़ताल स्थगित करने पर सहमति बन गई थी। कुछ लेखपालों ने बैठक का निर्णय लिया था। वार्ता के बाद वह भी काम पर लौट गए हैं। सोमवार को सभी लेखपाल अपने-अपने क्षेत्र में तैनात रहकर काम करेंगे।
रात में निलंबन सुबह वापस
कमिश्नर और आईजी से वार्ता के बाद हड़ताल स्थगित करने के जिलाध्यक्ष के फैसला का विरोध करने वाले जिलामंत्री सोबरनलाल भारतीय के खिलाफ देर रात जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया। एसडीएम सदर शैलेष कुमार ने बताया कि सोबरनलाल भारतीय के निलंबन का पत्र रात में ही जारी हो गया था। सुबह उनसे वार्ता हुए तो उन्होंने भी जिलाध्यक्ष के फैसले पर सहमति जता दी इसके बाद उनके निलंबन को वापस ले लिया गया है।
तीन कंपनी पीएसी की गई तैनात
कलक्ट्रेट में शुक्रवार को दो कंपनी पीएसी पहुंच गई थी। इसके अलावा भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात किया गया था। शुक्रवार रात को एक और कंपनी पीएसी आ गई। इसे तिर्वा और छिबरामऊ तहसीलों में तैनात किया गया। तीनों तहसीलों के साथ ही कलक्ट्रेट सुबह से खाकी के साये में रही। आने वाले लोगों का पहले परिचय पत्र देखा गया, फिर प्रवेश दिया गया।