कलक्ट्रेट में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की भूमि रजिस्ट्री का ऑडिट करती उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद क
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कन्नौज। शासन के निर्देश पर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का ऑडिट शुरू हो गया है। कई अभिलेखों में झोल मिला है। इनमें संपत्ति का विवरण नहीं खोला गया।
जिले में करीब 80 किलोमीटर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के ऑडिट का काम राजस्व परिषद कानपुर की टीम को सौंपा गया है। सीनियर ऑडिटर सर्वेश दुबे के अलावा सुभाष कुमार बाजपेई, अनुभव पांडेय व कपिल कुमार को जिम्मेदारी दी गई है। टीम लगातार बीस दिन से ऑडिट कर रही है। टीम ने बताया कि ऑडिट के दौरान खामियां मिली हैं। एक्सप्रेसवे के लिए कुछ रजिस्ट्री में संपत्ति का खुलासा नहीं किया गया। इससे पता नहीं चल रहा है कि संपत्ति में कुआं था या भवन। भवन कच्चा था या पक्का। यह कितने मंजिल का था, इसका खुलासा नहीं है। इससे आडिट टीम को दिक्कत हो रही है।
इसी तरह हुसैनपुर करन में ग्रामीण क्षेत्र होने के बाद भी सरकार के खाते में पांच फीसदी के स्थान पर सात फीसदी धनराशि जमा कराई गई। यह धनराशि स्टांप शुल्क के रूप में जमा की गई। कुछ संपत्ति का भुगतान सर्किल रेट से अधिक का किया गया है। शासन को रिपोर्ट भेजने के बाद तय होगा कि खामियां सही हैं या गलत।