फर्रुखाबाद चौराहे पर जीटी रोड पर लेटे आबकारी सिपाही नरेश सिंह चौहान।
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छिबरामऊ(कन्नौज)। इटावा पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज मध्य प्रदेश के आबकारी सिपाही के जीटी रोड पर लेटने से वाहनों के पहिये थम गए। लगभग दो घंटे तक जाम लगा रहा। पुलिस सिपाही को कोतवाली ले आई।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आबकारी विभाग में मुख्य आरक्षी (सिपाही )के पद पर तैनात नरेश सिंह चौहान ने बताया कि चचेरे भाई कमल चौहान का शनिवार रात एक्सीडेंट होने पर परिजन आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई लेकर गए थे। यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वह भाई का शव लेकर रातभर अस्पताल में बैठे रहे। किसी ने सुध नहीं ली। भाई भाजपा का बूथ अध्यक्ष था। थाने में संपर्क किया तो एसआई गीता यादव उनकी कार से ही पंचनामा भरने पहुंचीं। आरोप लगाया कि पहले अपने रिश्तेदारों के पंचनामा भरे। सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करने की बात कहने पर वह भड़क गईं। अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगीं। काफी इंतजार कराने के बाद ढाई बजे पंचनामा भरा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआई गीता यादव ने नगद धनराशि लेकर उनका नंबर काटकर पंचनामा किए हैं। इससे नाराज होकर वह सुबह पांच बजे जीटी रोड पर लेट गए। इससे जीटी रोड पर जाम लग गया। लगभग दो घंटे तक जीटी रोड पर वाहनों के पहिये थमे रहे। इसके बाद पहुंची पुलिस जीप में बैठाकर कोतवाली ले आई। सिपाही के चाचा महेंद्र पाल सिंह ने बताया कि भाई की मौत का सदमा लगने से वह ऐसी बातें कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री को भेजा कंडीशनल त्याग पत्र
सिपाही नरेश सिंह चौहान ने बताया कि फर्रुखाबाद चौराहे से कोतवाली तक लाने में पुलिस ने गले में पड़ी चेन लूट ली। इससे पहले इटावा पुलिस ने भी उनसे अभद्रता की थी। नरेश सिंह ने पुलिस की कार्यप्रणाली से आहत होकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कंडीशनल त्याग पत्र भेजा है।