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जेई ने ठप रखा काम, सरकार को कोसा

Thu, 29 Jan 2015 11:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कन्नौज
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प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर विभिन्न विभागों के जूनियर इंजीनियरों ने शुक्रवार को दूसरे दिन भी सामूहिक अवकाश पर रहकर कामकाज ठप रखा। इस दौरान प्रांतीय खंड लोकनिर्माण विभाग कार्यालय के बाहर डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के बैनर तले प्रदर्शन कर धरना दिया।
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सरकार के ऊपर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। कहा कि इंजीनियर अपने हक और हितों की लड़ाई जारी रखेंगे। जब तक सरकार 4800 ग्रेड वेतन नहीं देगी तब तक आंदोलन चलता रहेगा।

महासंघ के जिलाध्यक्ष इं. आरके सिंह ने कहा कि संविधान के तहत प्रत्येक सरकारी कर्मचारी को पूरे सेवाकाल में तीन प्रोन्नतियां देना अनिवार्य है। इसके बावजूद जूनियर इंजीनियर जिस पद पर भरती होता है उनमें से 90 फीसदी उसी पद से रिटायर हो जाते हैं। प्रोन्नति न हो पाने से तीन एसीपी की व्यवस्था की गई है। परंतु इसमें भी जेई को ग्रेड वेतन सहायक अभियंता से दो ग्रेड पे नीचे दिया गया है जो कि मान्य नहीं है। जेई को प्रारंभिक वेतनमान 4800 ग्रेड पे मिलना चाहिए।
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इं. मुकेश यादव, जेई राममहेश वर्मा, गुरुचरन सिंह, हेमवीर, संदीप, सूरवीर, मकरंद ने कहा कि जेई को उनका हक मिलना ही चाहिए। अब जेई हक पाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने के लिए कमर कस चुके हैं। सुनील आनंद, अरुण, एसके वर्मा, वीरेंद्र प्रताप, राजीव, ओमपाल, राकेश ने कहा कि 22 फरवरी को लखनऊ में विधानसभा का घेराव करने कन्नौज के जेई भी जाएंगे।

जरूरत पड़ी तो जेई जेल भी जाएंगे और अनिश्चतकालीन हड़ताल भी करेंगे। वृजेंद्र मोहन ने कहा कि सरकार वादा निभाते हुए शासनादेश जारी करे वरना अपना हक लेने के लिए जेई पूरे प्रदेश का विकास रोक देंगे। सभी विभागों के जेई महासंघ के नेतृत्व में एकजुट होकर मोर्चा खोल चुके हैं।

सोमलता व्यास, एके सिंह, अशोक, विवेक तिवारी, जमुना प्रसाद, रवींद्र, सतेंद्र ने कहा कि सरकार हठधर्मिता त्यागकर जेई को वाजिब वेतन दे। बैठक के दौरान जेई सत्यप्रकाश, अखिलेश सिंह, अक्षय कुमार, चंद्रिका प्रसाद, वीके शुक्ला, महेश गौड़, दिनेश चंद्र, एसपी सिंह आदि मौजूद रहे। अंत में संकल्प लिया कि जेई को कम से कम तीन प्रमोशन मिलने ही चाहिए और इस हक को पाने के लिए किसी भी स्तर तक संघर्ष करेंगे।

डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ से जुड़े डीआरडीए के सहायक अभियंता हाकिम सिंह, जल निगम के परियोजना प्रबंधक बी.एस. चाहर ने भी धरने का समर्थन किया। मांगों को जायज ठहराते हुए प्रदर्शनकारियों के कंधे से कंधा मिलाया।

वहीं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष डा. अशोक सविता ने भी सरकार की नीतियों को कोसते हुए धरने पर बैठे। जूनियर इंजीनियरों को भरोसा दिलाया कि संयुक्त परिषद उनका पूरा साथ देगी।  पशु चिकित्सा फार्मा. संघ के अध्यक्ष डा. अजीत यादव, ट्यूबवेल संघ के नेता मान सिंह प्रजापति ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया।
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