कृषि विज्ञान केंद्र अनौगी में दो दिवसीय टपक सिंचाई, प्लास्टिक मल्चिंग एवं संरक्षित खेती की उपयोगिता पर किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में विभिन्न ब्लाकों से आधा सैकड़ा से अधिक किसानों ने प्रतिभाग किया।
डा.वीके सिंह ने बागवानी एवं टपक सिंचाई प्रणाली, संरक्षित खेती के महत्व को बताया। डा.वीके कनौजिया, डा.अमर सिंह ने किसानों के लाभ के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। पीएफडीसी लखनऊ से कामिनी ने संरक्षित खेती के बारे में किसानों को अवगत कराया।
अनुराग सिंह ने टपक सिंचाई, डा.मनोज कुमार सोनी ने प्लास्टिक मल्चिंग की उपयोगिता पर टिप्स दिए। वैज्ञानिकों ने कहा कि तमाम प्रदेशों में किसानों ने परंपरागत खेती को छोड़ दिया है, और आधुनिक खेती की दौड़ में शामिल हो गए हैं। आधुनिक तकनीकों को अपनाकर किसान अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस मौके पर डा.सुभाष सिंह, डा.भूपेंद्र सिंह, डा.पूनम सिंह, डा.विनोद सिंह, रमाशंकर शुक्ला आदि मौजूद रहे।