राजकीय मेडिकल कालेज में भर्ती होने वाले मरीजों के बेड की गंदी चादरें और ओटी में आपरेशन के दौरान डाक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ की ड्रेस धुलने के लिए एक विशाल लॉड्री हाउस है। इसकी शुरुआत दिसंबर 2014 में हुई। इस लांड्री में वर्ष 2013 में सपा शासन के दौरान करीब एक करोड़ की लागत से जापान से अत्याधुनिक मशीनें मंगाई गई। तत्कालीन प्राचार्य डॉ. वीएन त्रिपाठी ने 2014 में इसकी शुरुआत कराई। तकनीकी कर्मचारियों के अभाव में अधिकांश मशीनें खराब हो गई है। तीन दिन पहले सर्जरी विभाग की ओटी में डाक्टरों की आपरेशन ड्रेस उपलब्ध न होने की वजह से तीन मरीजों के आपरेशन टाल दिए गए थे। बताया गया कि बारिश में कपड़े सूख नहीं पा रहे हैं। मेडिकल कालेज में कपड़ों की धुलाई आउटसोर्सिंग से हो रही है।
दो ड्रायर मशीनें छह माह से पड़ी खराब
तिर्वा। अत्याधुनिक लॉड्री हाउस में दो बड़ी ड्रायर मशीनें स्थापित हैं। बड़ी वाशिंग मशीन से कपड़े धोने के बाद इन्हें सुखाने के लिए इन मशीनों के ड्रायर में डाला जाता है। विद्युत टंपरेचर के जरिए यह कपड़े से नमी को सोख लेती हैं। पिछले छह माह से दोनों मशीनें देखरेख के अभाव में खराब पड़ी हैं।
बेलन प्रेशर मशीन खराब होने से नहीं सूख पाते कपड़े
तिर्वा। लांड्री हाउस में एक विशाल बेलन प्रेशर मशीन लगी हुई है। यह कीमती मशीन भी जापान से मंगाई गई थी। कपड़े सुखाने के बाद इस बेलन प्रेशर मशीन में तह बनाकर रख दिए जाते है। मशीन की दूसरी ओर आटोमेटिक ढंग से सभी कपड़े प्रेस होकर बाहर निकलते है। यह मशीन भी काफी समय से खराब पड़ी है।
स्टीम प्रेस मशीन की खराबी से दिक्कतें
तिर्वा। लॉड्री में एक स्टीम प्रेस मशीन लगी है। यह भी अत्याधुनिक है। इस मशीन के जरिए धुली हुई चादर को तह बनाकर मशीन के सामने फ्रेम पर रखा जाता है। मशीन की दूसरी ओर चादरें स्वत: प्रेस होकर बाहर निकल आती है। यह मशीन भी काफी समय से खराब है।
चार बड़ी वाशिंग मशीनों में दो खराब
तिर्वा। कपड़े व चादर धोने के लिए दो बड़ी व दो छोटी मशीनें लॉड्री में स्थापित है। इन बड़ी मशीनों में एक साथ 20-20 चादर वाशिंग पाउडर के साथ धुली जा सकती हैं। स्विच आन करने के महज पांच मिनट के अंदर ही सभी चादर अच्छी तरह से साफ हो जाती है। इसके बाद इन्हें ड्रायर मशीन में सूखने के लिए व बेलन प्रेशर व स्ट्रीम प्रेस मशीन में लगाया जाता है। आटोमेटिक दो बड़ी मशीनों में महज एक काम कर रही है। दो छोटी मशीनों में एक खराब पड़ी है। जिस वजह से लॉड्री का काम प्रभावित है। बारिश के दौर में ड्रायर मशीन खराब होने से कपड़े सुखाने में दिक्कत आ रही है।
आउटसोसिंग के तीन कर्मचारी चला रहे लॉड्री
तिर्वा। अत्याधुनिक लॉड्री हाउस को चलाने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की जरूरत है। इन कर्मचारियों के न होने से आउट सोर्सिंग के जरिए तीन कर्मचारियों को लॉड्री हाउस की कमान सौंपी गई। जब तक मशीनों का संचालन सीखा तब तक कई मशीनें खराब हो गई।
लॉड्री हाउस में खराब पड़ी मशीनों को सही कराने के लिए जापानी कंपनी को पत्र भेजा है। दिल्ली स्थित उनके प्रधान कार्यालय पर भी लिखा-पढ़ी की गई। एक सप्ताह पहले दिल्ली से इंजीनियर भेजा गया था। इंजीनियर ने सभी मशीनों की जांच की। बताया कि वह जल्द ही अपनी टीम को लेकर आएगा। सभी मशीनों को दुरुस्त कराया जाएगा। विदेशी मशीनें होने के कारण इनके इंजीनियर कानपुर में उपलब्ध नहीं है। कई बार प्रयास भी किया गया। बाद में सीधे कंपनी के आफिस से संपर्क साधा गया। जल्द ही सभी मशीनें दुरुस्त हो जाएंगी।
- डा.दिलीप सिंह, सीएमएस राजकीय मेडिकल कालेज कन्नौज