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जल्द लागू होगी ई-स्टांप व्यवस्था, मिलेगी राहत

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सदर तहसील में स्टांप बेचते विक्रेता व लोगों की भीड़। - फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। ई-स्टापिंग (प्रथम संशोधन) नियमावली-2019 के नियम 13 के तहत जल्द ई-स्टांप व्यवस्था लागू होगी। तहसील स्तर पर एनसीसी (प्राधिकृत संग्रह केंद्र) बनाए जाएंगे। पुराने वेंडरों का नवीनीकरण कर उन्हें ई-स्टांप का लाइसेंस दिया जाएगा। लोगों को 4,999 से अधिक रुपये के ई-स्टांप दिए जाएंगे।
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लखनऊ के महानिरीक्षक निबंधन मिनिस्ती एस ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि सरकार सूबे में ई-स्टापिंग (प्रथम संशोधन) नियमावली-2019 के नियम 13 के तहत ई-स्टांप व्यवस्था लागू करने जा रही है। जिले में इसकी जल्द शुरुआत की जाएगी। पत्र के मुताबिक सरकार ने तेलगी स्टांप घोटाले के बाद ई-स्टांप व्यवस्था लागू करने के आदेश दिए थे। इसका मुख्य उद्देश्य फर्जी स्टांप को रोकने व स्टांप की छपाई व ढुलाई पर आने वाले खर्चों को कम करना है।
नई व्यवस्था लागू होने पर 4,999 से ज्यादा रकम पर ई-स्टांप लेना होगा। इसके लिए जिले की तहसीलों में वेंडरों का नवीनीकरण कर उन्हें ई-स्टांप का लाइसेंस दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी को नई व्यवस्था के तहत इंतजाम पूरे करने के निर्देश दिए हैं। इससे कि आने वाले दिनों में लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े।
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ऐसे करना होगा आवेदन
ई-स्टांप का पंजीकरण कराने के लिए स्टांप विक्रेताओं को स्टॉक होल्डिंग कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड कानपुर की कार्यदायी संस्था के नाम आवेदन करना होगा। इसमें केवाईसी अभिलेख के साथ जरूरी प्रपत्र जमा करने होंगे। इसके बाद आवेदक को एसीसी (प्राधिकृत संग्रह केंद्र) खोलने की अनुमति दे दी जाएगी।
एसीसी खोलने के लिए इन चीजों की होगी जरूरत
एसीसी (प्राधिकृत संग्रह केंद्र) खोलने के लिए स्टांप विक्रेताओं को कंप्यूटर/लैपटाप, इंटरनेट कनेक्शन, प्रिंटर आदि खरीदना होगा। कंप्यूटर का ज्ञान रखने वाले युवक को रखना होगा, जो ई-स्टांप कार्रवाई को पूरी कर सके। इसके अलावा स्टांप विक्रेताओं को संचालन से पूर्व 0 प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे कि उन्हें ई-स्टांप की बिक्री में कोई दिक्कत न आए।
मोबाइल की तरह करना होगा रिचार्ज
ई-स्टांप का संचालन सेंट्रल बैंक के माध्यम से किया जाएगा। इसमें स्टांप विक्रेता अपनी क्षमता के अनुसार पांच से 10 लाख तक की क्रेडिट ले सकते हैं। इसी के हिसाब से वह एसीसी (प्राधिकृत संग्रह केंद्र) के माध्यम से ई-स्टांप की बिक्री कर सकेंगे। निर्धारित रुपये खर्च होने पर बैंक में दोबारा रुपये जमा करने होंगे। यह पूरी प्रक्रिया मोबाइल रिचार्ज की तरह होगी। यह केंद्र दिन-रात संचालित रहेंगे। इसके लिए समय की कोई पाबंदी नहीं होगी।
ई-स्टांप प्रक्रिया की शुरुआत होने पर लोगों की सहूलियत मिलेगी। लोगों को तहसील खुलने व स्टांप विक्रेता के आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जल्द इस व्यवस्था को लागू करवाने का प्रयास किया जाएगा।
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-उमेश चंद्र उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी।
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