सलेमपुर-गदनापुर गुल्हारा स्थित सैय्यद हजरत बाबा जमालशाह रहैमतुल्लाह अलैह का सातवां उर्स हिंदू-मुस्लिम नौजवान कमेटी की ओर से मनाया गया। महफिल-ए-शमां में कव्वाली का आयोजन किया गया। जायरीनों ने चादरपोशी की।
शुक्रवार की सुबह कुल शरीफ के बाद उर्स का समापन हो गया। सुबह से दरगाह पर अकीदतमंदों की भीड़ लगनी शुरू हो गई है। शाम चार बजे अकीदतमंद गागर-चादर लेकर दरगाह पहुंचे। शाम आठ बजे नगर पंचायत अध्यक्ष दिनेश सिंह ने फीता काटकर जवाबी कव्वाली का शुभारंभ कराया।
कानपुर के टीवी केंद्र रेडियो सिंगर कलाकार शरीफ परवाज ने मुझे याद आते हैं नबी-नबी नात पेश की। हम तेरे शहर में आए हैं मुसाफिर की तरह, बस एक बार मुलाकात का मौका दे दो.. गजल सुनाकर वाहवाही लूटी। बनारस की कव्वाला शाहिबा परवीन ने मैं यह खूब जानती हूं तू मेरा खुदा नहीं, एक मां है जिसके लब पर बददुआ नहीं... को सराहा गया। सुबह चार बजे कुल शरीफ का आयोजन किया गया। इसमें अकीदतमंदों ने दरगाह पहुंचकर फातिहा पढ़ी। देश की अमन चैन की दुआएं मांगी।
पूरी रात थानाध्यक्ष मोहम्मद तारिक खान पुलिस बल के साथ मुस्तैदी से जुटे रहे। कमेटी के सदर मोहम्मद नसीम, संयोजक सिब्बू कुरैशी, उमेश गुप्ता, मल्लू प्रधान, विजय कनौजिया, नूर अहमद, इरफान, शानू, छुन्नू्लाल प्रमोद कुमार, रुखसार, यूनुस, वसीम, सुलेमान आदि रहे।
खूब चखा लंगर
उर्स में शामिल होने पहुंचे अकीदतमंद व जायरीनों के लिए लंगर प्रभारी मोहम्मद वसीम की ओर से व्यवस्था की गई थी। कव्वाली के बाद सभी ने लंगर का जमकर आनंद उठाया। वहीं शर्बत का दौर भी चलता रहा।
मीना बाजार में हुई खरीदारी
उर्स की रौनक बढ़ाने के लिए परिसर में मेले का आयोजन किया गया था। मीना बाजार लगाया गया। इस बाजार में महिलाओं ने शृंगार से लेकर जरूरत का सामान खरीदा। बच्चों ने खिलौनों के साथ चाऊमीन व आइसक्रीम का मजा चखा। हिंडोले झूले का आनंद लिया।