भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एक दर्जन से अधिक वाहनों के
काफिले के साथ दोपहर ढाई बजे जिला जेल अनौगी पहुंचे। यहां जेल अधीक्षक ने
गेट बंद करा दिया। गेट पर ही भाजपा नेताओं को रोक लिया गया। यहां करीब 15
से 20 मिनट तक भाजपा नेता खड़े रहे। इसके बाद डिप्टी जेलर अभय शुक्ला ने
गेट खोलने से मना कर दिया।
इसके बाद भाजपाइयों ने जेल अधीक्षक यूपी मिश्रा
से वार्ता की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। इसके
बाद जेल अधीक्षक ने भी भाजपाइयों की मिलाई कराने से इनकार कर दिया। इस पर
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सांसद, विधायक सुबह से लेकर सूर्यास्त से पहले तक
किसी भी कैदी से मुलाकात कर सकते हैं।
काफी देर तक चली नोकझोंक के बाद
प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी, सांसद मुकेश राजपूत, विधायक रघुनंदन
भदौरिया, एमएलसी अरुण पाठक, सांसद भानु प्रताप जालौन व प्रदेश महामंत्री
स्वतंत्र देव सिंह तथा पूर्व विधायक कल्यान सिंह को जेल के अंदर मिलाई करने
के लिए ले जाने इजाजत दी गई।
इसके बाद ये लोग जेल अधीक्षक का कार्यालय तक
पहुंचे, पर किसी भी भाजपाई से इनकी मिलाई नहीं कराई गई। करीब 20 मिनट तक
अंदर रहने के बाहर उक्त नेता बाहर निकल आए। इसके बाद जिलाधिकारी से फोन पर
प्रदेश अध्यक्ष ने वार्ता की। प्रदेश अध्यक्ष ने बाद में पत्रकारों से
बात करते हुए कहा कि हमीरपुर में साढ़े छह बजे शाम को उनकी मिलाई कराई गई
थी।
वे इस मामले को विधानसभा में उठाएंगे। कहने के बावजूद जेलर ने जेल
मैन्यूवल नहीं दिखाया। उन्होंने कहा कि किसी के अधिकार का हनन नहीं होना
चाहिए। इस दौरान क्षेत्रीय अध्यक्ष बालचंद्र मिश्रा, प्रदेश मंत्री समीर
सिंह, अर्चना पांडेय, बनवारी लाल दोहरे, नीलिमा कटियार, पूर्व विधायक गीता
शाक्य, मुनीश मिश्रा और रामेंद्र त्रिपाठी आदि मौजूद थे।
उधर, जेल अधीक्षक
यूपी सिंह ने कहा कि भाजपा नेताओं के पास मिलाई का शेड्यूल नहीं था, जिससे
मिलाई नहीं कराई गई। कहा कि वह नियम विरुद्ध कोई भी कार्य नहीं कर सकते
हैं।