कन्नौज। ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में 20 गांवों में सत्यापन पूरा करने के लिए अफसरों को दूसरी चिट्ठी (रिमाइंडर) भेजी है। उन्होंने जल्द जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में अपात्रों के चयन की लगातार शिकायतें आने पर सीडीओ ने जांच टीम बनाई थी। टीम में शामिल 14 अफसरों को उमर्दा ब्लाक क्षेत्र के 20 गांवों में आवंटित आवासों की जांच सौंपी गई। अफसरों को तीन दिन में जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए थे। यह आदेश 12 फरवरी की शाम को जारी किया गया। अफसरों को तीन दिन में रिपोर्ट देनी थी। आठ दिन बीतने के बाद अफसर जांच पूरी नहीं कर पाए। इससे ग्राम पंचायतवार पात्र व अपात्रों को लेकर की गई शिकायत की हकीकत सामने नहीं आ पाई। ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक सुशील कुमार सिंह ने बताया कि जांच अफसरों ने अभी तक रिपोर्ट नहीं दी है। सभी अफसरों को रिमाइंडर भेजा गया है। जांच कर जल्द रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
इन अफसरों को सौंपी गई जांच
जांच टीम में जिला दिव्यांग जन कल्याण अधिकारी तनुज त्रिपाठी, डीआरडीए के अवर अभियंता राकेश सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी अंजनी कुमार, जेई आरईडी अनिल सचान, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी छोटेलाल, जेई आरईडी दीपक कुमार, सहायक अभियंता डीआरडीए हाकिम सिंह, जेई आरईडी संतोष कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रमेंद्र कुमार, जेई आरईडी योगेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी मनोज चतुर्वेदी, जेई भूमि संरक्षण एके सिंह, खादी ग्रामोद्योग अधिकारी सत्येद्र कुमार व जेई लघु सिंचाई पुष्पेंद्र सिंह को जांच सौंपी गई है।
एक जांच पूरी नहीं, दूसरी भी इन्हीं अफसरों को
छिबरामऊ ब्लाक की तीन ग्राम पंचायतों में मनरेगा में गड़बड़ी की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम बनाई गई है। इस टीम में भी आवासों की जांच करने वाले अफसर शामिल हैं। अभी तक आवास की जांच पूरी नहीं हो सकी, ऐसे में दूसरी जांच मिलने से अधिकारी असमंजस में हैं। छिबरामऊ ब्लाक की तीन ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत 126 कार्य करवाए गए। इनमें 50 हजार मानव दिवस दिखाए गए। अफसरों के सत्यापन में यह मामला पकड़े जाने पर डीएम ने इसकी जांच कराने के आदेश दिए थे। कुंअरपुर बनवरी में 58, रंधीरपुर में 60 और छिबरामऊ देहात में आठ काम दिखाए गए हैं। इनमें कई काम धरातल पर नहीं मिले। मनरेगा में मानव दिवस दिखाकर भुगतान कर लिया गया। गड़बड़ी की आशंका में पीडी ने पांच सदस्यीय टीम गठित की है। जिला दिव्यांग जन कल्याण अधिकारी तनुज त्रिपाठी, जिला समाज कल्याण अधिकारी अंजनी कुमार, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी छोटेलाल, जिला उद्यान अधिकारी मनोज चतुर्वेदी व सहायक अभियंता डीआरडीए हाकिम सिंह को जांच दी गई है। ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि तीन ग्राम पंचायतों में 50 से अधिक काम का सत्यापन होना है। जांच में समय लगेगा। टीम को जल्द रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं।