कन्नौज। भीषण गर्मी के बीच जिला अब ऑरेंज जोन में पहुंच गया है। मंगलवार को तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने से इत्रनगरी तप उठी। सुबह से निकली तेज धूप दोपहर तक आग बरसाने लगी। गर्म हवाओं और चुभती तपिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा दिखाई दिया।
मौसम का मिजाज लगातार तल्ख होता जा रहा है। तेज धूप के चलते लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। बाजारों में भीड़ कम रही। कई लोग सिर पर गमछा और चेहरे पर कपड़ा बांधकर निकलते नजर आए। गर्मी का असर अस्पतालों में भी दिखाई देने लगा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में उल्टी, दस्त, बुखार और डिहाइड्रेशन के मरीज बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर में धूप से बचने, ज्यादा पानी पीने और हल्का भोजन करने की सलाह दी है।तेज गर्मी के कारण बिजली की मांग भी बढ़ गई है।
भीषण गर्मी के चलते बाजार में बेल का शरबत, नींबू पानी, तरबूज और खीरा की बिक्री बढ़ गई है। लोग धूप से राहत पाने के लिए ठंडी चीजों का सहारा ले रहे हैं। प्रशासन की ओर से भी दोपहर 12 से तीन बजे तक धूप में निकलने से बचने, लगातार पानी पीने और बच्चों-बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
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गर्मी में कम हुआ गंगा और काली नदी का पानी
फोटो :04: पैदल नदी पार कर रहे लोग, पास में खड़ी रही नाव। संवाद
कन्नौज। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान का असर अब नदियों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। इन दिनों गंगा नदी का जलस्तर घटने से सहायक काली नदी में भी पानी काफी कम हो गया है। हालात यह हैं महादेवी गंगा घाट पर लोग बिना नाव के ही पैदल नदी पार कर रहे हैं। नदी के बीच रेत के बड़े-बड़े टापू उभर आए हैं और कई हिस्सों में पानी घुटनों तक ही रह गया है।
गंगागंज, मेंहदीपुर, मानीमऊ आदि गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि हर साल गर्मियों में पानी घटता है, लेकिन इस बार मई में ही नदी का जलस्तर काफी नीचे पहुंच गया है। पहले जिन जगहों पर नाव से आना-जाना होता था, वहां अब लोग पैदल निकल रहे हैं। जलस्तर कम होने से नाव चालकों की चिंता भी बढ़ गई है। नाव चालक उमेश का कहना है कि पानी कम होने से नाव चलाना मुश्किल हो गया है, जिससे रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो आने वाले दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं।