नौ साल पुराने झगड़े के मामले में एडीजे प्रथम
चंद्रभूषण सिंह ने दोनों पक्षों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। इस दौरान
दोनों पक्षों पर आर्थिक दंड भी लगाया गया है। फैसले के बाद दोनों पक्षों के
आठ आरोपियों को जेल भेजा गया है।
शासकीय अधिवक्ता छेदीलाल गौतम के
मुताबिक इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के कन्हईपुरवा गांव में 25 मार्च 06 की शाम
छह बजे घूरा डालने के विवाद को लेकर गांव के ही दो पक्षों में जमकर संघर्ष
हो गया था। इसमें दोनों पक्ष से रामनारायन एवं जगदीश गंभीर रूप से घायल हो
गए थे।
प्रथम पक्ष में केशराम पुत्र रामेश्वर यादव, रामविलास पुत्र विश्राम
सिंह, जौहरी यादव पुत्र जनक सिंह व छुन्नू पुत्र जनक सिंह शामिल थे।
विवेचना के बाद इनके खिलाफ धारा 308 के मामले में न्यायालय में आरोप पत्र
दाखिल किया गया था। उधर, दूसरे पक्ष से रामनारायन व जगदीश पुत्रगण राम
भरोसे, कौशलेंद्र पुत्र राम नरायन व मुरली उर्फ अरविंद पुत्र रामनारायन
शामिल थे। विवेचना के बाद इन पर धारा 325 के तहत आरोप पत्र न्यायालय में
दाखिल हुआ था।
एडीजे प्रथम की कोर्ट में उक्त मुकदमा विचाराधीन था। मंगलवार
को हुए फैसले में केशराम पक्ष के सभी चार आरोपियों को चार-चार साल की सजा व
15-15 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया। वहीं रामनारायन पक्ष के सभी
चारों आरोपियों को दो-दो साल की सजा व नौ-नौ हजार रुपये का आर्थिक दंड
लगाया गया है।