कन्नौज। पुलिस पर जानलेवा हमले के मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दो बदमाशों को दोषी करार देते हुए सात साल कैद और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर एक साल अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।
शासकीय अधिकवक्ता अरुण कुमार यादव ने बताया कि बीते 14 मार्च 2013 की रात तत्कालीन कोतवाल छिबरामऊ विवेक कुमार सिंह गस्त पर थे। दूसरी ओर चौकी प्रभारी छिबरामऊ श्यामवीर भी हमराही साथियों के साथ गस्त पर आ गए।
तभी उन्हे सूचना मिली कि नगर पालिका रोड पर तीन बदमाश डिस्कवर मोटर साइकिल से वारदात के इरादे से खड़े है। कोतवाल विवेक कुमार ने बदमाशों की धरपकड़ के लिए दो टीमें लगा दीं।
जिसमें चौकी प्रभारी श्यामवीर को नगरवालिका व दूसरी टीम को बाईपास पर लगा दिया। बदमाशों के ऊपर गाड़ी की लाइट पड़ते ही तीनों बदमाश भाग खड़े हुए। पुलिस ने घेराबंदी कर बदमाशों को घेर लिया।
तभी बदमाश ने एसआई जितेंद्र सिंह भदौरिया को गोली मार दी। गोली लगने के बाद भी जितेंद्र ने एक बदमाश को पकड़ लिया तो दूसरे बदमाश को अन्य पुलिस कर्मियों ने दबोच लिया था। तीसरा बदमाश मौके का फायदा उठाकर भागने मे सफल रहा था।
इस मामले में पुलिस की ओर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने मैनपुरी जनपद के बिछवा थाना के अंजल गांव निवासी मनोज कुमार के पास से एक 315 बोर का तमंचा व कारतूस, थाना विशुनगढ़ के गांव उस्मानपुर निवासी सरजू जाटव के पास से एक तमंचा व कारतूस बरामद किया था।
वहीं पप्पू वारदात के समय भाग निकला था मामले की विवेचना एसआई मनोज कुमार ने की थी। इसी मामले में एडीजे चतुर्थ दिवाकर प्रसाद चतुर्वेदी की अदालत ने मनोज व सरजू को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।