यम द्वितीया एवं चित्रगुप्त जयंती पर्व पर जेएसआईटीएम
के सभागार में आयोजित कायस्थ महासभा के जिला स्तरीय सम्मेलन में देश के
निर्माण में कायस्थों की भूमिका महत्वपूर्ण बताई गई। इस दौरान समाज के
बुजुर्गों को सम्मानित भी किया गया।
चित्रगुप्त महाराज के पूजन और
पंडित रमाकांत शास्त्री द्वारा हवन के बाद मुख्य अतिथि ब्रजेंद्र नारायन
सक्सेना एवं किशोरीलाल श्रीवास्तव ने सम्मेलन का शुभारंभ किया। प्रदेश
अध्यक्ष विनय श्रीवास्तव ने कहा कि अधिकारों के प्रति खामोश रहने वाला यह
समाज शासकीय उपेक्षा का शिकार होता रहा, जबकि समाज ने देश को तीन भारत रत्न
और कई अगृणी नागरिक दिए हैं।
ब्रजेंद्र नरायन सक्सेना ने कहा कि हम सभी
संगठित होकर कायस्थ समाज को ताकत प्रदान करें। प्रदेश में पर्याप्त
जनसंख्या के होते हम प्रभावित करने की स्थिति में हैं। सभी दलों के नेता आज
हमसे जुड़ना चाहते हैं, पर जो कायस्थों के हित में कार्य करेगा हम उसी का
समर्थन करेंगे।
जिलाध्यक्ष सुप्रभाष सक्सेना ने कहा कि हमारे समाज के
कभी भी संकीर्ण जातीय राजनीति नहीं की है। हम अपने समाज के साथ सर्वसमाज के
कल्याण के लिए कार्य करते रहेंगे। जिलाध्यक्ष (युवा) रामेंद्र सक्सेना ने
युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया। किशोरी लाल ने एक-दूसरे की मदद को
आगे आने की अपील की।
बैकुंठनाथ सक्सेना एडवोकेट ने समाज के अति निर्धन
लोगों की सहायता को कोष बनाने का प्रस्ताव रखा। इस अवसर पर शाल ओढ़ाकर एवं
माल्यार्पण कर समाज के बुजुर्गों रामप्रकाश, देवेंद्र नरायन, सत्यप्रकाश
श्रीवास्तव, भगवान सरन, नरेशचंद्र श्रीवास्तव, ग्रीशचंद्र सक्सेना, शारदा भटनागर, मिथलेश सक्सेना,
शीतला देवी सक्सेना को सम्मानित किया गया।