जिलेभर में सात मतगणना केंद्रों पर रविवार को
शांतिपूर्ण ढंग से मतगणना संपन्न हुई। कई ग्राम पंचायतों में कांटे का
मुकाबला होने से दोबारा काउंटिंग भी कराई गई, पर परिणाम जस के तस रहे। कहीं
पर भी किसी प्रकार का कोई उपद्रव न होने पर देर रात जिला प्रशासन ने राहत
की सांस ली।
प्रेक्षक लोकेश कुमार, जिलाधिकारी अनुज कुमार झा, पुलिस
अधीक्षक कलानिधि नैथानी, अपर जिलाधिकारी संतोष कुमार वैश्य, अपर पुलिस
अधीक्षक सुभाष चंद्र शाक्य, सीडीओ उदयराज यादव, एसडीएम सदर सुनील शुक्ला,
एसडीएम तिर्वा उदयवीर सिंह पुलिस बल के साथ मतगणना केंद्रों का भ्रमण करते
रहे।
वहीं मतगणना केंद्रों के मुख्य द्वार पर आईटीबीपी के जवानों के मोर्चा
संभालने के कारण परिंदा भी पर नहीं मार सका। एक-दो बार अंदर बगैर पास के
घुसने की जिसने कोशिश की उसे जवानों ने लाठियां पटककर खदेड़ दिया। जिला
मुख्यालय पर मंडी समिति के निकट बैरियर लगाकर वाहनों को बाईपास की ओर मोड़
दिया गया।
केवल रोडवेज बसों को ही शहर के अंदर से होकर जाने की इजाजत दी
गई। इसी तरह जलालपुर पनवारा गांव के पास भी बैरियर लगाकर जीटी रोड पर
वाहनों को रोक दिया गया। शहर के अंदर जीटी रोड पर अघोषित कर्फ्यू जैसा
माहौल बना रहा। वहीं जीतने के बाद प्रत्याशियों के समर्थकों का हुजूम
सड़कों पर पैदल चलता हुआ नारेबाजी करते हुए निकला।
जहां पुलिस-प्रशासन के
अधिकारी दिखते वहां समर्थक चुप हो जाते, पर थोड़ा आगे निकलते ही फिर से
नारेबाजी शुरू हो जाती। गुगरापुर, हसेरन, उमर्दा, जलालाबाद, तालग्राम व
कन्नौज विकास खंड में जिलाधिकारी व एसपी ने पहुंचकर सुरक्षा इंतजामों का
जायजा लिया। एजेंटों से भी मतगणना के संबंध में जानकारी ली।
वहीं आरओ एवं
एआरओ को पूरी मुस्तैदी से निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए कहा। वहीं
मतगणना केंद्रों के बाहर भारी संख्या में भीड़ जमा रही। जैसे ही प्रधान
जीत का प्रमाणपत्र लेकर बाहर निकले, वैसे ही उनके समर्थक माला लेकर उन्हें
पहनाने के लिए टूट पड़े। मंडी परिसर के बाहर भी जिंदाबाद के नारे गूंजते
रहे।
उधर, जीत के जोश के आगे कई बार आचार संहिता हवा में उड़ गई। मंडी
समिति से निकलने के बाद ही जीते प्रधानों के समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर
दी। फोर्स ने आंखें तरेरी तो कुछ पल के लिए शांत हुए, पर जीतने वालों का
काफिला गांव पहुंचते ही खुशी में चूर होकर जमकर नारेबाजी की गई।
विकास खंड
कन्नौज, हसेरन, जलालाबाद, गुगरापुर के साथ ही उमर्दा के कई ज्यादातर गांवों
में समर्थकों के हुजूम के साथ प्रधान पहुंचे। इसके बाद पूरे गांवों की
गलियों में घूम-घूमकर नारेबाजी करके शक्ति प्रदर्शन किया गया। प्रधान के
घरों पर कई जगह ढोल नगाड़े भी बजाए गए। आतिशबाजी भी छुटाई गई।
वहीं
प्रशासन भी इस ओर सतर्क रहा। बवाली क्षेत्रों में गिनी जाने वाली ग्राम
पंचायत सारोंतोप, कुसुमखोर, सैयदपुर संकरी समेत कई अन्य गांवों में चलीं
गतिविधियों पर विशेष नजर रखी गई। फोर्स भी इन गांवों में भेजा गया, ताकि
कहीं कोई टकराव न होने पाए। एसपी ने थानेदारों व चौकीदारों को भी देर शाम
से लेकर पूरी रात विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। चुनावी नतीजों की
रात गश्त भी ज्यादा करने को कहा गया।