विकास खंड क्षेत्र सौरिख के ग्राम प्रधान और ग्राम
पंचायत सदस्य पदों की मतगणना का कार्य कस्बे के ऋषिभूमि इंटर कालेज परिसर
में सुबह सात बजे से शुरू हुआ। दोपहर बाद तक मतगणनाकर्मियों को लंच न मिलने
से उन लोगों ने कार्य ठप कर हंगामा शुरू कर दिया।
जब तक लंच पैकेटों की
व्यवस्था की जाती तब तक लगभग एक घंटे तक मतगणना कार्य बाधित रहा। अपर
पुलिस अधीक्षक सुभाषचंद्र शाक्य, अपर जिलाधिकारी संतोष कुमार वैश्य की
मौजूदगी में रविवार की सुबह से मतगणना का कार्य शुरू किया गया। आईटीबीपी
जवानों और भारी पुलिस-फोर्स के बीच शुरू हुई मतगणना के दौरान प्रत्याशी और
उनके समर्थकों की काफी भीड़ रही।
दोपहर बीतने तक मतगणना कार्य में लगे
कर्मचारियों और अधिकारियों को लंच की व्यवस्था न होने पर उन लोगों ने मतों
की गिनती का कार्य ठप कर दिया। अधिकारियों के काफी मनुहार करने और खाने की
व्यवस्था करने के बाद ही मतगणनाकर्मियों ने दोबारा मतगणना का कार्य शुरू
किया।
इस बीच लगभग एक घंटे तक गणना का कार्य प्रभावित हुआ। विकास खंड
क्षेत्र में सबसे पहला परिणाम ग्राम पंचायत मुखड़ा का घोषित किया गया। यहां
से प्रधान पद की प्रत्याशी आराधना देवी ने राममूर्ति को 37 वोटों से
हराया। उधर, वर्ष 05 में निर्मल ग्राम योजना के तहत राष्ट्रपति
पुरस्कार से सम्मानित हो चुके ग्राम पंचायत टड़ा रायपुर से 15 वर्ष से
प्रधान पद पर काबिज सपा नेता जसवंत सिंह यादव को इस बार हार का मुंह देखना
पड़ा।
उनके द्वारा कराए गए विकास कार्यों को जनता ने नकारते हुए क्षेत्र से
नए प्रत्याशी महेंद्र सिंह को मौके देते हुए उनके सिर जीत का सेहरा बांध
दिया। महेंद्र सिंह ने प्रधान जसवंत सिंह को 124 मतों के अंतर से हराकर सीट
पर कब्जा जमा लिया। वहीं जीत की खुशी में अपने समर्थकों के साथ नारेबाजी
करते हुए जुलूस निकाल रहे प्रधान पति मुन्ना सिंह को जिलाधिकारी अनुज झा के निर्देश पर स्वाट टीम प्रभारी दिनेशचंद्र यादव ने हिरासत में लेकर
उन्हें थाने में बैठा लिया।
इस कार्रवाई से उनके समर्थकों में हड़कंप मच
गया। साथ ही अन्य विजयी प्रत्याशियों में भी सांप सूंघ गया। इसके बाद किसी
भी प्रत्याशी का जुलूस नहीं निकला।