हंसलोक जनकल्याण समिति की ओर से कैलाश मार्केट में
आयोजित सत्संग में रामसनेही लाल शर्मा ने कहा कि जब-जब मानव समाज अपने मूल
उद्देश्य से भटककर पतन के मार्ग पर चलने लगता है, तब-तब कोई न कोई दिव्य
विभूति, महापुरुष, इस संसार में अवतार बनकर आ जाते हैं।
कहा कि
महापुरुष अपनी योगशक्ति द्वारा मानव समाज को सत्य, धर्म और सदाचार की
दीक्षा देकर मुक्ती की मुक्ती प्रदान कर और दयालु बनकर अपने भक्तों का
कल्याण कर देते हैं। देवभूमि उत्तराखंड में जन्में ऐसे ही महापुरुष थे
योगीराज हंस जी महाराज। जिन्होंने करोड़ों लोगों के दिलों में ज्योति जलाकर
दुनियां में प्रेम, शांति परोपकार और सद्भावना का संदेश दिया।
रामऔतार
महिपाल सिंह, बाबा जिलेदार, रामजीत सक्सेना, श्यामानंद शास्त्री, उर्मिला
देवी, रूपलाल शाक्य एवं मोहनलाल वर्मा ने भी भजनों से गुरु महिमा का बखान
किया। प्रधानाध्यापक सतीश चंद्र द्विवेदी ने हंसलोक संदेश, मासिक पत्रिका
का वितरण किया। नत्थू सिंह पुजारी ने आरती व प्रसाद वितरण कर कार्यक्रम का
समापन किया।