नगरपालिका परिषद बोर्ड की बैठक में पिछले काफी समय से
लंबित पड़े हाउस होल्ड सर्वे को कराने को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान इस
कार्य को प्राइवेट सेक्टर से कराने पर सहमति बनी। इसके अलावा कई अन्य
बिंदुओं पर भी चर्चा की गई।
बोर्ड बैठक सभासद जितेंद्र शर्मा ने
नगरपालिका की जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जे की बात उठाई। इस दौरान उन्होंने
पालिकाध्यक्ष से नगरपालिका के संपत्ति रजिस्टर के बारे में जानकारी मांगी।
उन्होंने इस बारे में पालिका के प्रभारी ईओ और एसडीएम महेश प्रसाद दीक्षित
से भी फोन पर बात की।
सभासद सुभाष वर्मा ने भी नगरपालिका की जमीन पर हो रहे
अवैध कब्जे का मामला उठाया। सभासद हरिशरण शाक्य और मनोज सिंह ने नगर में
मोबाइल शौचालय रखवाने और नए मकानों का सर्वे न होने का मामला उठाया। इस पर
पालिकाध्यक्ष ने सुझाव दिया कि पालिका कर्मियों द्वारा काम की अधिकता के
चलते यह कार्य नहीं हो पा रहा है।
ऐसे में इसे प्राइवेट सेक्टर से करा
लिया जाए। इस पर सभासदों ने अपनी सहमति जताई। ज्ञात हो कि शुक्रवार को
नगरपालिका पहुंचे उपजिलाधिकारी महेश प्रसाद दीक्षित से सभासद हरिशरण शाक्य
समेत कई अन्य सभासदों ने सर्वे कार्य में बरती जा रही लापरवाही का मामला
उठाते हुए शिकायत की थी।
सभासदों की पहल रंग लाई और फिर अब इस मामले को
नगरपालिका प्रशासन ने गंभीरता से लेना शुरू कर दिया। बैठक में सभासद
सावित्री पांडेय, नीलम सविता, सुनीता, अर्चना, लिफाकत, बृजेश बाल्मीकि,
अग्निवेश यादव, टिंकी यादव, रमाकांत त्रिपाठी पप्पी, कन्हैयालाल शाक्य,
अरुण वर्मा, वीरेंद्र सिंह पाल और रामनाथ कश्यप समेत अन्य सभासद मौजूद थे।