छिबरामऊ। तीन दिनों से हो रही बारिश ने जनजीवन अस्तव्यस्त है। बारिश के चलते मंगलवार को कसावा में कच्चा मकान ढहने से चार लोग घायल हो गए। तीनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वही, प्रानपुर पल्यौरा गांव में कच्चा मकान ढह गया जबकि कुंवरपुर बनवारी में कच्ची दीवार भरभरा कर गिर पड़ी। मलबे में गृहस्थी का सामान दबकर नष्ट हो गया।
ग्राम कसावा में भोर में चार बजे एक कच्चे मकान की छत ढह गई। छत के नीचे सो रहे एक ही परिवार के सियाराम, लालू, करिया व लज्जाराम मलबे के नीचे दब गए। छत ढहने की आवाज सुनकर आसपास के लोगों ने मशक्कत कर चारों को बाहर निकालकर अस्पताल भिजवाया। मलबे में गृहस्थी का सामान भी दबकर नष्ट हो गया। वहीं, ग्राम प्रानपुर पल्यौरा निवासी शैलेंद्र दीक्षित पिछले कई सालों में पत्नी दीप्ति, पुत्र उमंग व बेटी जान्हवी के साथ कच्चे मकान में जीवन यापन कर रहे हैं।
बरसात में मकान टपकने से वह परिवार के अपने छोटे भाई गौरव के कमरे में लेटे हुए थे। तभी उनका कच्चा मकान ढह गया। मलबे में गृहस्थी का सामान दबकर नष्ट हो गया। बीडीसी सदस्य नेहा दीक्षित ने मकान गिरने की सूचना एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार को देते हुए प्रशासन से हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया।
वहीं, कुंवरपुर बनवारी बालकराम शर्मा (90), पत्नी कमला देवी के साथ कच्चे मकान में रहते हैं। मकान की दीवार भर-भराकर गली की ओर ढह गई। उस दौरान गली में कोई मौजूद नहीं था, जिस कारण एक बड़ा हादसा टल गया। पीड़ितों का कहना है कि सरकार भले ही गरीब व बेसहारा लोगों के लिए योजनाएं चला रही है, लेकिन उन्हें न तो प्रधानमंत्री आवास मिला और ही पेंशन स्वीकृत हुई। इसको लेकर प्रधान व सचिव से कई बार गुहार लगाई पर सुनवाई नहीं हुई। एसडीएम ने बताया कि नुकसान का आकलन कराकर पीड़ितों की हर संभव मदद की जाएगी।