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सांस, सर्दी और बुखार के रोगियों से अस्पताल फुल

Fri, 08 Dec 2017 12:10 AM IST
kannauj
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जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीज। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कन्नौज/तिर्वा।
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मौसम में बार-बार हो रहे उतार-चढ़ाव से अस्पतालों में सर्दी, जुकाम, बुखार और सांस के रोगियों की संख्या में गुरुवार को काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई। तिर्वा मेडिकल कालेज में गुरुवार को ओपीडी में 958 मरीजों ने जांच कराई। इसमें सर्दी, जुकाम और खांसी के 390 मरीज रहे। जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या 600 रही, जिसमें 350 मरीज सर्दी, जुकाम और खांसी के रहे। डाक्टरों का कहना है कि मौसम में तेजी से उतार-चढ़ाव हो रहा है। ऐसे में खासतौर से बच्चों और बुजुर्गों को स्वास्थ्य के प्रति खास सावधानी बरतने की जरूरत है।


सर्दी का मौसम सबसे अधिक बच्चों, बुजुर्ग और सांस के रोगियों को परेशान कर रहा है। जोड़ों में दर्द के अलावा सांस, खांसी सहित कई रोग सताने लगते हैं। मजबूर होकर मरीजों को अस्पताल के डाक्टरों का सहारा लेना पड़ रहा है। मेडिकल कालेज तिर्वा में गुरुवार को मरीजों की खासी भीड़ दिखी। इनमें ज्यादातर मरीज ऐसे थे जो मौसमी बीमारियों की चपेट में थे।
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किसी को सर्दी, जुकाम, बुखार तो किसी को सांस और त्वचा से संबंधी बीमारियां थीं। सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक मेडिसिन वार्ड व स्किन वार्ड में मरीजों की कतारें लगी रहीं। जिला अस्पताल की बात करें तो यहां करीब 600 मरीजों ने ओपीडी के लिए पंजीकरण कराया। इनमें भी ज्यादातर मरीज सर्दी, जुकाम, बुखार, सांस और त्वचा के शामिल थे। जिला अस्पताल के डाक्टरों ने मरीजों को उपचार देने के साथ ही बीमारियों से बचाव के उपाय भी सुझाए।
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इनसेट
बच्चों में बढ़ा कोल्ड डायरिया का खतरा
कन्नौज। जिला अस्पताल के डा. संदीप कुमार ने बताया कि सर्दी में सबसे ज्यादा बच्चों और बुजुर्गों का ख्याल रखने की जरूरत है। बच्चों में ठंड के साथ ही कोल्ड डायरिया की समस्या आ जाती है। इससे दस्त शुरू हो जाते हैं। समय पर उपचार न मिल पोन पर हालत गंभीर हो जाती है। बच्चों को गर्म कपड़ों से ढककर रखें। हवा चलने पर बाहर न ले जाएं। जीरो से एक वर्ष तक के बच्चों को मां का ही दूध दें। पांच वर्ष तक के बच्चों को गुनगुना पानी दें। समस्या सामने आने पर तत्काल चिकित्सक की सलाह लें।
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