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होरी मोहल्ले में डेंगू के पांव,16 चपेट में

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दवा का वितरण करती स्वास्थ्य टीम। - फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। जसोदा कस्बे के होरी मोहल्ले में डेंगू ने पांव पसार लिए हैं। 16 लोग चपेट में हैं। एक महिला की सप्ताह पहले मौत भी हो चुकी है।
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मोहल्ले में रहने वाली 35 वर्षीय जरा पत्नी सखावत की कानपुर अस्पताल में मौत हो गई थी। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने सुध नहीं ली। मोहल्ले के अखिलेश प्रजापति (35) पुत्र हरनाथ सिंह, आलोक (11), अमन (8) पुत्रगण सर्वेश, पंकज (25) पुत्र विश्वनाथ, मंजीत (27) पुत्र विश्वनाथ, रेणुका (37) पत्नी जगदीश, कमला और जदुनाथ का कानपुर के निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इनमें डेंगू की पुष्टि हुई है। इसी मोहल्ले की गौरी पाल पत्नी बीनू पाल, मीरा, सनी, प्रीतेश का इलाज गुरसहायगंज के निजी अस्पताल में हो रहा है। इनमें भी डेंगू की पुष्टि हुई है। स्वाति पुत्री पिंटू कठेरिया, सोनम पुत्री रामकुमार, सनी पुत्र रामकुमार और महावीर कठेरिया जसोदा के निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। इलाके में डेंगू का प्रकोप होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम परीक्षण के लिए नहीं पहुंची है।
जलालाबाद सीएचसी प्रभारी डॉ. सरदमन सिंह ने बताया कि जसोदा में लोगों में बुखार की सूचना मिली है। प्रधान के माध्यम से दवा का छिड़काव कराया जाएगा। गुरुवार को टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। उधर, जिला अस्पताल में बुधवार को 12 ब्लड नमूनों की जांच में दो मरीजों में डेंगू पॉजिटिव के लक्षण मिले हैं। 14 लोगों की स्लाइड राजकीय मेडिकल कालेज में एलाइजा टेस्ट के लिए भेजी गई है।
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डेंगू मरीजों की संख्या अब 158 पहुंच चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के कीटनाशक दवा के छिड़काव के बावजूद डेंगू रोग थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में जांच कराने के लिए मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। जांच में हर दिन डेंगू पॉजिटिव के मरीज मिल रहे हैं। सीएमओ डॉ.कृष्ण स्वरूप ने बताया कि आशा कार्यकर्ता व प्रधानों के माध्यम से हर गांव में दवा का छिड़काव कराया जा रहा है।
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तालग्राम। मवैइया गांव में संक्रमण फैलने से दर्जन भर से अधिक लोग वायरल बुखार की चपेट में हैं। सोमवार को बालिका परी की डेंगू से मौत हो चुकी है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव पहुंचने में 48 घंटे से अधिक का समय लग गया। गांव में फैली गंदगी मुसीबत बनी हुई है। जलभराव से लोग बीमार पड़ रहे हैं। करीब आधा सैकड़ा लोग बुखार की चपेट में हैं। बुधवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वैसापुर के डॉ. सरोज कुमार, सीएचसी तालग्राम के फार्मासिस्ट मनोज यादव, सुखदेव ने गांव के प्राथमिक विद्यालय में कैंप लगाकर 46 बीमार लोगों का चेकअप कर दवाएं दीं। एएल रिजवान ने ब्लड जांच के लिए पांच स्लाइडें बर्नाइं। कैंप में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नहीं पहुंचीं।
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