सीएचसी तालग्राम में आशा बहुओं ने वेतन की मांग को लेकर दूसरे दिन धरना प्रदर्शन किया। कोल्ड चेन सिस्टम के वैक्सीन रूम में ताला डालकर ब्लाक प्रतिरक्षा अधिकारी को बाहर निकाल दिया। कई घंटे चले धरना प्रदर्शन में आशा बहुओं ने जमकर नारेबाजी की और अस्पताल का काम ठप रखा। सूचना पर पहुंचे एमओआईसी ने मामले में नाराजगी जताते हुए आशाओं को समझाकर वैक्सीन रूम का ताला खुलवाया और कार्य शुरू करा दिया।
विकास खंड तालग्राम की आशा बहुएं सीएचसी परिसर में शनिवार सुबह आठ बजे एकत्र होने लगीं थी। टीकाकरण का दिन होने के करण सबसे पहले आशाओं ने काम बाधित करा दिया। आशाओं ने वैक्सीन रूम में मौजूद ब्लाक प्रतिरक्षा अधिकारी राम सिंह निर्मल से धक्कामुक्की कर उन्हें बाहर निकाल दिया। वैक्सीन रूम में ताला बंदकर उसे सील कर दिया। केंद्र से वैक्सीन उपलब्ध न होने के कारण नर्स टीकाकरण के लिए भटकती रहीं।
इसके बाद ओपीडी से लेकर दवा वितरण कक्ष को बंद कराकर सीएचसी गेट पर धरने पर बैठ गई। सूचना पर पहुंचे एमओआईसी डा. अजय यादव ने आशाओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आशाओं का विरोध जारी रहा। इस दौरान आशाओं ने गुरसहायगंज में धरना प्रदर्शन करने की घोषणा कर सीएचसी गुरसहायगंज के लिए रवाना हो गईं।
आशाओं ने वैक्सीन रूम का बाद में ताला भी खोल दिया। जिससे दोपहर 12 बजे के बाद टीकाकरण शुरू हो सका। इस मौके पर अर्चना, आरती, सरिता, सुलेखा, चित्रा, पूजा, कुसुमा आदि मौजूद रहीं।
छिबरामऊ (कन्नौज)। राजकीय महिला अस्पताल में शनिवार को आशा बहुओं ने वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। आशाओं ने चेतावनी दी कि मांग पूरी न होने पर वह लखनऊ में भूख हड़ताल करेंगी।
शनिवार दोपहर कमला देवी, मंजू देवी, शीलादेवी, रोमी, नीरू देवी, ऊषा देवी, अर्चना, ऊषा, आशा देवी, निर्मला देवी, सुनीता देवी आदि आशाओं ने राजकीय महिला चिकित्सालय में एकत्र हुईं। उन लोगों ने बताया क्षेत्र में लगभग 265 आशाएं 2007 से कार्यरत हैं, लेकिन किसी को भी कोई वेतन नहीं मिलता है। जबकि उन सभी लोगों से स्वास्थ्य संबंधी सारा काम लिया जाता है। ऐसे में उन लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। वेतन की मांग को लेकर आशाओं ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन किया।
साथ ही चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती। तब तक वह लोग कोई भी कार्य नहीं करेंगी और लखनऊ जाकर भूख हड़ताल किए जाने की भी चेतावनी दी है। इस दौरान विनीता, राममूर्ति, राधा देवी, रामशीला, रीता देवी, रामश्री, रेखा दुबे, रानी दुबे, रन्नो देवी, साधना, यशोदा, मधू आदि आशाएं मौजूद रहीं।