मानदेय की मांग के लिए गुस्साईं आशा-बहुओं ने सीएमओ
कार्यालय पर सोमवार को जमकर हंगामा काटते हुए नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
इसके बाद सीएमओ को ज्ञापन सौंपा।
सोमवार को विनोद दीक्षित चिकित्सालय
में एनड्राइड फोन का प्रशिक्षण लेने आईं दर्जनों आशा-बहुओं ने शाम के समय
प्रशिक्षण से बाहर निकलीं। इसके बाद सभी ने मानदेय की मांग करते हुए हंगामा
करना शुरू कर दिया। यही नहीं आननफानन में एक मांगपत्र तैयार किया गया।
इसमें आशा बहू सुमन, राजेश्वरी, क्रांति, राम सिया, मीना वर्मा, कविता,
विनीता, रीता, किरन, बबली, अर्चना, निर्मला, सोनी समेत तीन दर्जन से अधिक
आशा- बहुओं ने मांगपत्र पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद हंगामा करती हुईं आशा
बहुएं सीएमओ कार्यालय पहुंचीं।
इस दौरान सीएमओ कार्यालय के बाहर हंगामा कर
रहीं आशा बहुओं को देखकर डिप्टी सीएमओ रमेश चंद्रा व अन्य अधिकारी बाहर
निकल आए और आशा बहुओं को समझाने का प्रयास किया। आशा बहुओं ने उन्हें
सीएचसी की कई कमियों को बताते हुए कहा कि प्रसव कराने वाली महिला का यदि
बैंक में खाता नहीं होता है तो भुगतान नहीं दिया जाता है।
इसी तरह कई अन्य
समस्याएं भी आशा बहू के सामने आती हैं, जिस कारण उन्हें मेहनत करने के बाद
भी भुगतान नहीं दिया जाता है। कहा कि शासन से उन्हें मानदेय दिलाया जाए।
वहीं आशा संगिनी पर आरोप लगाते हुए कहा कि आशा संगिनी कोई काम नहीं करतीं।
केवल आशा बहुओं द्वारा तैयार की गई सूची को लेकर कागजी कोरम पूरा कर रही
हैं।
बाद में उन्हें सीएमओ ने आश्वासन दिया कि उनकी मांग को शासन तक
पहुंचाया जाएगा। तब जाकर आशा बहुएं शांत हुईं। इस दौरान श्यामा पाल,
सुमलेश, राजेश्वरी, श्यामा देवी, मीना कुमारी, मालती, जूली, सीमा, शबीना,
रेखा आदि मौजूद रहीं।