बीमारों को दवा देते डा. बाबूराम।
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तालग्राम विकास खंड के गांव रौरा में संक्रामक रोग की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गुरुवार को गांव पहुंची। 60 मरीजों को दवाएं बांटी, 10 की स्लाइडें बनाईं। डिप्टी सीएमओ ने बीमारों के घर पहुंचकर हकीकत जानी। एमओआईसी तालग्राम ने बीमारी का प्रमुख कारण गांव में गंदगी बताया है।
तालग्राम विकास खंड के रौरा गांव में एक पखवारे से संक्रामक रोग फैला हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी स्वास्थ्य टीम गांव नहीं पहुंची। अमर उजाला ने गुरुवार के अंक में खबर को प्रकाशित किया। स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ डा. केसी राय, जिला मलेरिया अधिकारी हरगोविंद सिंह ने रौरा गांव का निरीक्षण किया। इसके साथ ही घरों में बीमार पड़े लोगों से बातचीत की।
इधर, सुबह 10 बजते ही तालग्राम एमओआईसी डा. इरशाद के निर्देशन में टीम का गठन किया गया। टीम ने गांव के प्राथमिक स्कूल में कैंप लगाकर मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। टीम में डा. बाबूराम, डा. अतीक हसन, फार्मासिस्ट वेद प्रकाश ने 60 मरीजों की जांच की, 10 मरीजों की बीमारी स्पष्ट न होने पर स्लाइड बनाई है।
कोट
रौरा गांव में गंदगी से रोग फैला है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों को दवा दी जा रही है। इसके साथ ही ग्रामीणों को साफ व स्वच्छता का ध्यान रखने की सलाह दी। बुखार पीड़ितों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी है। जिससे रोग पर अंकुश लग सके। - डा. मोहम्मद इरशाद (एमओआईसी, तालग्राम)
इंसेट
ये मिले बीमार
जांच के दौरान ज्योति देवी (04) पुत्री शिवानंद, शिवरानी(32) पत्नी शिवानंद, शिवानंद (33), रुचि (13) पुत्री गिरीश चंद्र, देवकी (40) पत्नी गिरीश चंद्र, आकाश (35) पुत्र रामवीर, गुड़िया (15) पुत्री रामवीर, मुन्नी देवी (30) पत्नी बेंचेलाल, सियादेवी (03), सुंदरी (07) पुत्रीगण शिवानंद, अर्जुन (11) पुत्र शिवानंद, संतोषी (14) पुत्री गिरीश चंद्र, शिवानी (08) पुत्री सुरेश चंद्र समेत 60 बीमार चिह्नित किए गए हैं।