कन्नौज। हर रविवार को जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के आयोजन को लेकर भले ही शासन ने गंभीरता बरतने को कहा हो, लेकिन हकीकत बेहद तल्ख है। मेलों में मरीज तो पहुंच जाते हैं, लेकिन चिकित्सकों के इंतजार में घंटों बीत जाते हैं। रविवार को आटी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कुछ ऐसा ही हुआ। मरीजों के पहुंचने के दो घंटे बाद चिकित्सक पहुंचे।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आटी में सुबह 11 बजे तक कोई भी डॉक्टर केंद्र में मौजूद नहीं थे। मरीज डॉक्टर का दो घंटे तक इंतजार करते रहे। इंतजार के बाद भी मेले में चार डॉक्टर की जगह सिर्फ एक डॉक्टर ही पहुंचीं। आटी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में एक एमबीबीएस, एक बीएमएस (आयुष) और दो मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर की ड्यूटी लगाई गई थी। सुबह के 11 बजे तक मेले में कोई भी डॉक्टर नहीं पहुंचे, फिर साढ़े 11 बजे एक डॉक्टर गरिमा श्रीवास्तव ने मेले में पहुंचकर 26 मरीज देखे। इसके बाद बाकी के डॉक्टर भी मेले में पहुंच गए। डॉक्टर के देर से आने से कई मरीज बगैर इलाज के लौट गए।
1155 मरीजों को मिला उपचार
जिले के 33 ग्रामीण और तीन शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगाए गए स्वास्थ्य मेले में कुल 1155 मरीजों को उपचार मिला है। 523 पुरुष, 487 महिलाएं और 145 बच्चें का उपचार किया गया। 151 मरीजों की कोरोना जांच की गई। वहीं आयुष्मान योजना के तहत 161 गोल्डन कार्ड बनाकर बांटे गए।
केंद्र पर जाने के लिए वाहन नहीं, इसलिए पहुंचे लेट
नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. गीतम सिंह ने बताया कि सीएचसी तक जाने के लिए कोई वाहन नहीं मिलता। विनोद दीक्षित से केंद्र तक जाने के लिए डॉक्टरों को वाहन से भेजा जाता है। इसलिए डॉक्टर लेट हो जाते हैं।