जलकर राख हुई जीवन रक्षक दवाएं। संवाद
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जलालाबाद। सीएचसी परिसर में कूड़े के साथ लाखों रुपये की जीवन रक्षक दवाओं को भी आग के हवाले कर दिया गया। सीएचसी प्रभारी ने मामले की जांच कर कार्रवाई की बात कही है।
ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतर उपचार मिल सके। इसके लिए शासन से जीवन रक्षक दवाओं को भेजा जाता है। चिकित्सकों और कर्मचारियों की लापरवाही से मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल रहा। बुधवार को जलालाबाद सीएचसी में कूड़े के ढेर में कई जीवन रक्षक दवाओं को डालकर आग लगा दी गई। आग की लपटों से आसपास के पेड़-पौधे भी झुलस गए।
हाल में ही सीएचसी परिसर में कूड़े के ढेर में कोरोना की वैक्सीनों के वायल मिले थे। इस तरह की लापरवाही से जाहिर होता है कि स्वास्थ्य महकमे के जिम्मेदार मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। सीएचसी अधीक्षक महेंद्र भान सिंह का कहना है कि सफाई कर्मचारी ने झाड़ू लगाने के बाद कूड़ा जलाया था। दवाओं के जलाने के मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
इन दवाओं को जलाया
रोटावेक वैक्सीन, मेट्रोनिडा जेल, जिंक सल्फेट, पैरासीटामॉल, कैल्शियम व आयरन की गोलियों को जला दिया गया। कई अधजली दवाएं भी पड़ी मिलीं हैं।