कन्नौज। जिले में कई अस्पताल बिना रस्ट्रिेशन और एमबीबीएस डॉक्टर के चल रहे हैं। इस बात की पुष्टि बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से हुई है। विभाग के अधिकारियों ने चार निजी अस्पतालों में जांच की। यहां गंदगी के बीच मरीज मिले। विभाग की ओर से नोटिस जारी कर इन अस्पताल संचालकों से गुरुवार तक जवाब मांगा है। न देने पर सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी जेजे राम ने बताया कि बुधवार को छिबरामऊ के स्वाति हास्पिटल में जांच के लिए पहुंचे। अस्पताल का रजिस्ट्रेशन 30 अप्रैल 2020 को समाप्त हो चुका था। अस्पताल प्रशासन रिन्यूवल संबंधी कागज नहीं दिखा पाया। यहां छह मरीज भर्ती मिले। डॉक्टर को बुलाया गया पर वे नहीं आए। एसीएमओ ने बताया कि डॉक्टर से बात की तो उन्होंने किसी मांगलिक कार्यक्रम में होने की बात कही। इसके बाद ऑपरेशन कक्ष का भी निरीक्षण किया। यहां आए मरीजों से पूछताछ की। एसीएमओ ने बताया कि हास्पिटल प्रशासन को नोटिस देकर गुरुवार तक जवाब मांगा है। न देने की स्थिति में अस्पताल को सील किया जाएगा।
एसीएमओ जेजे राम ने बताया कि तिर्वा के कृष्णा अस्पताल, प्रीती अस्पताल और बीएसआर अस्पताल की जांच की गई। यहां भी डॉक्टर नदारद थे। उन्होंने बताया कि कृष्णा अस्पताल में एमबीबीएस डॉक्टर नहीं मिले। बीएमएस डॉक्टर इलाज कर रहे थे।
प्रीती अस्पताल के रजिस्ट्रेशन का आवेदन आया था। इनकी जांच की गई। यहां पर कोई डॉक्टर नहीं मिला। इनके यहां कोई भी मरीज भी नहीं था। डॉक्टर न होने के चलते रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है।
जेजे राम ने बताया कि बीएसआर अस्पताल में कोई एमबीबीएस डॉक्टर नहीं मिला। बीएमएस डॉक्टर यहां इलाज कर रहे थे। मरीज काफी भर्ती थे। जहां मरीज थे, वहां पर बहुत गंदगी थी। वार्ड के बगल में ओटी भी है, वहां भी गंदगी पसरी हुई थी। इन दोनों अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है। गुरुवार तक उचित जवाब नहीं देते हैं, तो अस्पताल को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
दवाखाने में जांच, नोटिस
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य चिकित्साधिकारी जेजे राम ने बताया कि चांदसी दवाखाना अहेर तिर्वा के यहां टीम जांच करने पहुंची। वहां मौजूद व्यक्ति रजिस्ट्रेशन नहीं दिखा सका। उसको भी गुरुवार को जवाब देने के लिए समय दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय में मीटिंग 20 को
एसीएमओ जेजे राम ने बताया कि अस्पतालों के रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बदलाव की बैठक बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय पर होनी थी, जो टल गई है। इसकी नई तिथि 20 दिसंबर के बाद आने की संभावना जताई गई है।