मौसम में आए बदलाव से किसानों के चेहरे मुरझाए हुए हैं। बादल और धुंध देख किसान परेशान हैं। अगेती आलू खुदाई में 20 दिन शेष हैं, ऐसे में किसानों को आलू फसल की चिंता सताने लगी है। वहीं, कृषि वैज्ञानिक धुंध से किसानों को न घबराने की सलाह दे रहे हैं।
दिल्ली एनसीआर सहित उत्तर भारत के कई शहरों में प्रदूषण के बादल का असर अब कन्नौज जिले में भी दिखने लगा है। 72 घंटों में अचानक मौसम में आए बदलाव से किसान परेशान हैं। दो दिनों से छाई धुंध से किसानों को खेत में खड़ी आलू की फसल खराब होने का डर सताने लगा है। किसान आलू की फसल को बचाने के लिए दवा का छिड़काव भी करने लगा है। किसान भोले यादव, संजय कनौजिया, विनय मिश्रा ने बताया कि कोहरे से आलू की फसल पर असर पड़ेगा। मौसम न खुला को यह पौध के लिए हानिकारक होगा। अगेती आलू तैयार है। उन्हें डर सता रहा है कि कैसे आलू की खुदाई होगी।
असमान में छाई धुंध कोहरे की चादर नहीं है। यह प्रदूषण की धुंध है। इससे किसानों की फसलों को कई नुकसान नहीं होगा। वहीं, मौसम में हुआ बदलाव फसलों के लिए फायदेमंद है। आसमान में छाए बादलों से किसानों को डरने की जरूरत नहीं है।- मुन्ना यादव (जिला उद्यान अधिकारी, कन्नौज)
45 हजार हेक्टेयर में बोया गया है आलू
जिला उद्यान अधिकारी मुन्ना यादव ने बताया कि जिले में करीब 47500 हेक्टेयर में आलू की फसल का लक्ष्य दिया गया है। जिसमें करीब 45000 हेक्टेयर आलू की फसल की बोआई कर दी गई है। कुछ किसान आलू की बोआई कर रहे है, अभी 11 दिनों तक फसल की बुआई का काम चलेगा और दिए गए लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा।