तेराजाकेट (कन्नौज)। ससुर की अंत्येष्टि के बाद दिल्ली लौट रहे दामाद की कार बुधवार रात बेकाबू होकर सड़क किनारे खड्ढ़े में जाकर पेड़ से टकरा गई। हादसे में दामाद की मौत हो गई। डेढ़ साल पहले ही उसकी शादी हुई थी। सुबह खेत पहुंचे ग्रामीणों ने पुलिस को हादसे की सूचना दी, इसके बाद पुलिस ने परिजनों को खबर दी और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पनगवां में दो दिन पहले किसान सुरेंद्र सिंह की मौत हो गई थी। अंत्येष्टि में शामिल होने दिल्ली से बेटी रुचि और दामाद प्रदीप सिंह उर्फ मोनू पुत्र रामनाथ (28) आए थे। एटा जिले के बेवर थाना क्षेत्र के चंद्रपुरा गांव के मूल निवासी प्रदीप की शादी डेढ़ साल पहले ही हुई थी। बुधवार रात करीब 11:15 प्रदीप कार से दिल्ली लौट रहा था। पनगवां रोड पर बेकाबू कार सड़क किनारे खड्ढे को पार करते हुए पेड़ु से जा टकराई। रातभर घायल प्रदीप कार में ही पड़ा रहा।
गुरुवार सुबह खेतों पर गए विशम्भरपुर गांव के लोगों ने खड्ढे में कार पड़ी देख सराय प्रयाग चौकी को सूचना दी। चौकी प्रभारी जमाल खां ने कार की सीट पर फंसे प्रदीप को बाहर निकाला, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस से सूचना मिलने पर परिजन भी पहुंच गए। ससुरालवालों ने बताया कि घर से निकलते समय प्रदीप की कार गांव में कीचड़ में फंस गई। जिसे निकालने में रात के करीब 11 बज गए थे। रात अधिक होने के कारण पत्नी और ससुराल के लोगों ने रोका था लेकिन प्रदीप नहीं माना। कुछ दूर जाने के बाद ही हादसा हो गया।
मौके पर पहुंचे ससुरालवालों ने बताया कि प्रदीप चेन और अंगूठी पहने था, उसके पास रुपये भी थे। पुलिस को जेवरात और रुपये नहीं मिले। रुपये व जेवर न मिलने की चर्चा होने पर विशम्भरपुर गांव के लोगों ने बताया कि रात करीब दो बजे के दो लोग लाल मोटरसाइकिल पर गांव आए थे। दोनों ने घरों के बाहर सो रहे लोगों को जगाया और कार फंसे होने की जानकारी दी। दोनों ने ग्रामीणों ने कार निकलवाने के लिए भी कहा लेकिन रात अधिक होने के कारण कोई नहीं गया। सुबह जब लोग मौके पर पहुंचे तो कार की चाभी गेट के की-होल में लगी थी।