तालग्राम (कन्नौज)। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर यूपीडा की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल रही है। सुरक्षा व्यवस्था में चूक से रविवार देर रात लखनऊ भाजपा मंडल उपाध्यक्ष की कार गोवंश से टकरा गई। हादसे में गोवंश की मौके पर मौत हो गई। भाजपा नेता समेत चार लोग चुटहिल हो गए। एक जनवरी की रात को भी दो अन्ना मवेशियों से दो कारें टकरा गई थीं। चार लोग घायल हुए थे। इसके बाद भी टूटी बैरिकेडिंग सही नहीं कराई गई।
लखनऊ के थाना सहगंज पुराना किला 76 निवासी भाजपा मंडल उपाध्यक्ष मनीष प्रताप (50) पुत्र रामकिशन अपनी स्कार्पियो कार से मथुरा जा रहे थे। इनके साथ मथुरा के थाना शेरगढ़ बसई निवासी अमित (36) पुत्र इंद्रपाल, दिगंबर पुत्र गंगाराम भी थे। कार को गाजियाबाद नया बस अड्डा फ्लैट नंबर दो निवासी मुकुल रस्तोगी (32) पुत्र राकेश चला रहे थे। एक्सप्रेसवे पर जलखरिया गांव के सामने घूम रहे गोवंश सामने आ गए। तेज रफ्तार कार मवेशी से टकरा गई। गोवंश की मौके पर मौत हो गई। हादसे में भाजपा नेता समेत कार सवार चार लोग चुटहिल हो गए।
एनसीसी पेट्रोलिंग व यूपीडा गश्ती टीम के अलावा यूपी 112 पीआरवी के मुकेश राठौर, विशुनदयाल, अनिल कुमार ने मौके पर पहुंचकर इन्हें दूसरी कार से लखनऊ भेजा। कार को एक्सप्रेसवे से हटवाया गया। गोवंश को हटवाकर यातायात शुरू कराया गया।
सीएम तक पहुंचाएंगे एक्सप्रेसवे पर अन्ना गोवंशों का मामला
भाजपा नेता मनीष प्रताप ने बताया कि जिस समय हादसा हुआ, अन्ना गोवंशों के झुंड एक्सप्रेसवे पर घूम रहे थे। अन्ना गोवंशों के एक्सप्रेसवे पर घूमने की फोटो खींची हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को प्रमाण के साथ पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए अनुरोध करेंगे। इससे कि एक्सप्रेसवे पर अन्ना मवेशियों से हो रहे हादसों पर अंकुश लग सके।
दुरुस्त नहीं कराई गई टूटी बैरिकेडिंग
अमर उजाला ने दो जनवरी को सुरक्षा जाल टूटने, एक्सप्रेसवे पर मवेशियों के पहुंचने की खबर प्रकाशित की थी। यूपीडा ने ध्यान नहीं दिया। टूटी बैरिकेडिंग सही हो जाती तो शायद चार दिन बाद दूसरा हादसा नहीं होता।
चील, कौवे खाते हैं गोवंशों के शव
हादसे में मरने वाले गोवंशों को दफनाया नहीं जाता है। इन्हें एक्सप्रेसवे से नीचे फेंक दिया जाता है। चील, कौवे इनके शव खाते रहते हैं।