कन्नौज। सरकारी स्कूलाें में छात्रों की छुट्टियां चल रही हैं, लेकिन शिक्षक स्कूल पहुंच रहे हैं। शिक्षक स्कूल में पहुंचने के बाद घर-घर जाकर दरवाजे की कुंडी खटका रहे हैं। अभिभावकों को जागरूक करते हुए कह रहे है कि वे अपने छह साल की उम्र पूरी कर चुके बच्चों का निजी स्कूलों की जगह सरकारी में प्रवेश कराएं। सरकार उनकी पढ़ाई, ड्रेस आदि का पूरा खर्च उठाएगी।
जिले में 1459 परिषदीय स्कूल संचालित हैं, जिनमें तकरीबन एक लाख 20 हजार से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं। बच्चों को शिक्षा की धारा से शत-प्रतिशत जोड़ने और सरकारी स्कूल में नामांकन बढ़ाने के लिए स्कूल चलो अभियान तो चल रही रहा है इसके अलावा गुरुजी घर-घर दस्तक भी दे रहे हैं। शिक्षा से वंचित बच्चों को चिह्नित कर उनकाे स्कूल में प्रवेश दिलाने के लिए अभिभावकों को प्रेरित किया जा रहा है, जिससे स्कूलों में बच्चों के नामांकन को बढ़ाया जा सके और बच्चों को बेहतर सुविधाओं के साथ शिक्षा दी जा सके।
बीएसए संदीप कुमार ने बताया कि स्कूल चलो अभियान के तहत छह वर्ष की आयु पूरी कर चुके बच्चों को सूचीबद्ध करते हुए उनका प्रवेश कराने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। साथ ही शिक्षक घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक भी कर रहे हैं और स्कूलों में नामांकन बढ़ा रहे हैं।
इनसेट
अभिभावकों को बताई जा रहीं स्कूल की सुविधाएं
प्रधानाध्यापक व शिक्षकों की ओर से अभिभावकों को स्कूल की उपलब्धियों और सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। गांव व आसपास के अशिक्षित बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में सहयोग करने की अपील कर रहे हैं।