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Kannauj News: गुरसहायगंज के लाइन हाजिर कोतवाल पर लूट का आरोप, पांच पर प्राथमिकी

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गुरसहायगंज (कन्नौज)। घर जा रहे टेंपो सवार युवक को दो बाइकों पर सवार चार लोगों ने रास्ते में रोक कर तमंचे की बट मारकर घायल कर दिया। हमलावरों ने उसकी जेब में रखे तीन हजार रुपये लूट लिए। मामले में तत्कालीन कोतवाल समेत पांच लोगों पर कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। वहीं, पुलिस पर लूट की तहरीर बदल कर शांतिभंग में चालान करने का भी आरोप है। हालांकि, कोतवाल को एसपी ने दो दिन पहले ही लाइन हाजिर कर दिया है।
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थाना तालग्राम क्षेत्र के मोहल्ला बजरिया निवासी शेखर ने बताया कि 14 मई की रात साढ़े 11 बजे वह निजी टेंपो से गुरसहायगंज से तालग्राम स्थित घर जा रहा था। विशंभरपुर गांव से कुछ पहले दो बाइकों पर सवार चार लोगों ने टेंपो रोक लिया। आरोप है कि कोतवाली गुरसहायगंज के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार अवस्थी भी घटना में शामिल हैं। आरोपियों ने गालीगलौज करते हुए तमंचे की बट से उसके साथ मारपीट की और जेब में रखे तीन हजार रुपये जबरन निकाल लिए। आरोपियों ने जाते समय शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ित ने पुलिस को एक बाइक का नंबर बताया और हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना दी। पुलिस ने घेराबंदी कर चारों आरोपियों को पकड़ लिया और कोतवाली बुलाया। आरोपियों की पहचान कोतवाली क्षेत्र की चौकी सरायप्रयाग के गांव पनगवां निवासी सिब्बू उर्फ शशांक पांडेय, विकास राठौर, सलीम और शिवम के रूप में हुई। पीड़ित का कहना है कि कोतवाल ने सुलह करने का दबाव बनाया। समझौते से इन्कार करने पर लूट की तहरीर बदल कर केवल मारपीट की घटना लिखने को कहा गया।
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पीड़ित शेखर के मुताबिक उसने घटना की वास्तविक तहरीर देने पर पुलिस ने गालीगलौज करते हुए उसे कोतवाली से भगा दिया और आरोपियों का शांतिभंग में चालान कर दिया। उसका मेडिकल भी नहीं कराया गया। इसके बाद आरोपियों ने दोबारा रास्ते में घेरकर गालीगलौज की है। ऑनलाइन शिकायत और 18 मई को एसपी को रजिस्टर्ड डाक से प्रार्थना पत्र भेजने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने कोर्ट की शरण ली। कोतवाल ध्यानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामले की विवेचना की जा रही है।
निरस्त होगी प्राथमिकी : एएसपी
भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में एक प्रावधान है कि कोर्ट के आदेश पर किसी पुलिस अधिकारी के खिलाफ तभी एफआईआर होगी जब पुलिस का कोई राजपत्रित अधिकारी जांच करेगा और संस्तुति देगा। इस मामले में बिना जांच के प्राथमिकी दर्ज की गई है। अब जांच के बाद इसे निरस्त कर दिया जाएगा और अंतिम रिपोर्ट कोर्ट को प्रेषित कर दी जाएगी। -अजय कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक
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