छिबरामऊ। हिस्ट्रीशीटर मुनुआ यादव के बेटे ने बचपन से ही पिता को अपराध जगत में सक्रिय देखा तो उसके अंदर भी रंगबाजी कूट-कूटकर भर गई। सोशल मीडिया पर अपलोड स्टाइलिश तस्वीरों, उसकी अदाओं से रवैया साफ दिख रहा है। किताबें पकड़ने की उम्र में ही नाबालिग बेटे ने बंदूक थाम पिता के नक्शेदम पर चलने के मंसूबे जाहिर कर दिए हैं।
विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम धरनीधरपुर नगरिया निवासी हिस्ट्रीशीटर अशोक यादव उर्फ मुनुआ के तीन बेटों में सबसे छोटा बेटा नाबालिग है। ग्रामीणों की मानें तो उसकी उम्र 14-15 साल की होगी। वह पास के ही असालताबाद स्थित एक निजी स्कूल में कक्षा सात का छात्र है। पिता की तरह ही उसे भी दबंग प्रवृत्ति का बताया जाता है। जिस उम्र में ध्यान काॅपी व किताबों पर होना चाहिए, उस उम्र में पिता के नक्शेदम पर चलते हुए पुलिस टीम पर फायरिंग कर मंसूबे जाहिर कर दिए हैं। उसने घर की छत पर चढ़कर पुलिस टीम पर फायरिंग की थी। किशोरावस्था में बंदूक थाम कर इरादे जता दिए थे कि वह भी पिता की विरासत को संभालने के लिए तैयार है। हालांकि उसके दोनों बड़े भाई अपने-अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहकर नौकरी करते हैं। सबसे छोटा होने की वजह कर वह घर पर ही रहता था, लेकिन मन पढ़ने से ज्यादा दबंगई में लगता था।
कार्रवाई के लिए मंथन कर रही पलिस
पिता व मां के साथ ही नाबालिग को भी पुलिस ने हमला में आरोपी बनाया है। चूंकि उसकी उम्र कम है, इसलिए उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस मंथन कर रही है। समझा जा रहा है कि पुलिस की गोली से हुए जख्मों को भरने के बाद उसे बाल सुधार गृह भेजा जाएगा। हालांकि पुलिस के अधिकारी अभी इस पर कुछ नहीं बता रहे हैं।