ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों की प्रतिभाओं को
निखारने को केंद्र व प्रदेश सरकार को ग्रामीण अंचलों में भी खेलकूद
स्टेडियम का निर्माण कराना चाहिए। साथ ही मंडल से लेकर राज्य स्तर तक की
प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने की भी
जरूरत है।
यह बात अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी मनू पाल ने कही। वर्ष 2010 के
कामनवेल्थ गेम में छिबरामऊ की मूल निवासी मनू पाल ने भारतीय टीम का
प्रतिनिधित्व करते हुए लांग बाल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया था।
वर्ष 11 के दौरान राष्ट्रीय खेलकूद में भी इन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया
था।
डीएन इंटर कालेज तिर्वा के खेल मैदान में मंगलवार को हुए मंडल स्तरीय
खेलकूद प्रतियोगिता में अमर उजाला से वार्ता के दौरान उन्होंने यह बात कही।
कहा कि खिलाड़ियों की सुविधा के लिए महानगरों में तो कई स्टेडियम हैं पर
ग्रामीण अंचलों में एथलेटिक्स के प्रतिभागी सड़कों पर दौड़कर अभ्यास करते
हैं।
इससे उनकी गति व क्षमता प्रभावित होती है। साथ ही ग्रामीण अंचलों के
खिलाड़ियों को कोई प्रोत्साहन भी नहीं दिया जाता। खेल जीतने पर उन्हें महज
शील्ड देकर लोग भूल जाते हैं। सरकार को चाहिए कि अच्छे खिलाड़ियों को
प्रोत्साहित करे।