मकरंदनगर में सन्मार्ग संस्था की ओर से आयोजित दुर्गा उत्सव पंडाल में छोटे
मुरारी बापू ने संगीतमयी रामकथा सुनाई। उन्होंने कहा कि कई आकृति और
परस्पर विरोधाभासी विचारों को धारण करने के बावजूद भगवान शिव के परिवार में
अद्भुत शांति है। शिव परिवार एक आदर्श परिवार है।
कहा
कि परमात्मा के अवतार के पांच रहस्य हैं। जिस तरह शरीर के संचालन के लिए
प्राण प्रमुख हैं, उसी तरह परमात्मा को देखने के लिए प्रेम आवश्यक है। इस
दौरान राम जन्मोत्सव मनाया गया। भगवान राम की अद्भुत झांकी आकर्षण का
केंद्र बिंदु रही। कथा के दौरान अमित मिश्र, प्रवनेंद्र शुक्ला, आदित्य
मिश्रा, अनिल द्विवेदी, जवाहर सैनी, संजय मेहरोत्रा, रामू शुक्ला, वृजेश
दुबे, संजय दुबे, माया मिश्रा,पुष्पा दुबे आदि मौजूद थे।
उधर, दोपहर बाद आई तेज आंधी
से पंडाल का टेंट कई स्थानों पर गिर गया। इस पर आसपास खड़े भक्तों ने
दौड़कर मौके पर पहुंचकर पंडाल के टेंट को ठीक किया। उधर, मोहल्ला फर्श
रोड स्थित दुर्गा पंडाल में मां दुर्गा के नौ रूपों को देखने को भीड़
उमड़ी। लोगों ने आरती उतारी। मां के जयकारे लगाए।
प्रसाद वितरित किया और
मनौती मांगी। यहां शनिवार को संगीतमयी सुंदरकांड का पाठ होगा। कार्यक्रम के
दौरान दिनेश यादव, पुष्पेंद्र दुबे, बृजकिशोर, अमन मेहरोत्रा, श्रीकांत
पांडेय, विकास मेहरोत्रा, मुदित दुबे, विजय आदि ने व्यवस्थाएं देखीं। वहीं
नवरात्र के तीसरे दिन देवी मंदिरों व घरों में देवी चंद्रघंटा की आराधना की
गई।
शंख, घंटे घड़ियाल बजाकर माता को प्रसन्न किया गया। उपवास रखे लोगों
ने दीपक जलाए व मां की आरती उतारी। मां सरस्वती के इस देवी रूप की स्कूल
कालेजों में भी आराधना की गई। सुर और संगीत की देवी चंद्रघंटा की दुर्गा
उत्सव पंडाल में आचार्यों ने वेद मंत्रोच्चारण के साथ पूजन कराई।