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Kannauj News: गैस बुकिंग हो गई पर नंबर जारी न होने की समस्या

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कन्नौज। घरेलू गैस बुकिंग में आ रही दिक्कत उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही है। बुकिंग होने के बाद भी नंबर न जारी होने से उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है। रविवार की सुबह एजेंसी खुलने से पहले ही उपभोक्ता कतारवद्ध होकर एजेंसियों पर लाइन लग गईं। वहीं काॅमर्शियल सिलिंडर की बुकिंग चालू न होने से कारोबारियों को दिक्कत हो रही है।
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इंडेन कन्नौज गैस सर्विस के सहायक प्रबंधक इकबाल ने बताया कि प्रतिदिन 600 सिलिंडरों की डिलिवरी की जा रही है। जो उपभोक्ता एजेंसी पर आ जाते हैं उनका टोकन नंबर लेकर यहीं पर सिलिंडर दिया जा रहा है और जो उपभोक्ता एजेंसी नहीं आते हैं, उन्हें सिलिंडर की होम डिलीवरी कराई जा रही है। साइट व्यस्त होने रहने के कारण बुकिंग में दिक्कत आ रही है। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्होंने बुकिंग की तो उन्हें बुकिंग नंबर जारी नहीं किया गया, बल्कि कंपनी की तरफ से एक संदेश आ गया कि आपकी बुकिंग हो गई है, जल्द ही नंबर जारी किया जाएगा।
चार-पांच दिनों से बुकिंग का औसत 500 से भी कम

छिबरामऊ। रसोई गैस किल्लत ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। एजेंसियों की ओर से मिल रहे संदेशों ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। उपभोक्ताओं का कहना है कि समय पर गैस बुकिंग नहीं हो पा रही है, जिससे घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति और भी गंभीर है। सुबह से ही लोग गैस सिलिंडर के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। रेवती गैस एजेंसी के संचालक आलोक वर्मा ने बताया कि शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में बुकिंग की समय सीमा 30 दिन निर्धारित की गई है। बुकिंग के बाद उपलब्धता के आधार पर सिलिंडर को डिलीवरी की जा रही है। चार पांच दिनों से बुकिंग का औसत पांच सौ से भी कम हो गया है। जानकी गैस एजेंसी के संचालक योगेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि एजेंसी पर आने वाले व्यक्ति को गैस मिल रही है। भीड़ के कारण भले ही कुछ देर उसे लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ रहा है। संवाद
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दुकानदारों ने फिर लिया भट्टी और कोयले का सहारा

गैस संकट का असर छोटे व्यापारियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। होटल, ढाबा और चाय-नाश्ते की दुकानों पर काम करने वाले दुकानदारों को मजबूरी में फिर से पारंपरिक भट्टी और कोयले का सहारा लेना पड़ रहा है। सब्जी मंडी में चाय की दुकान किए कल्लू गुप्ता, कचौड़ी व छोले भटूरे दुकानदार मंगल गुप्ता का कहना है कि समय पर सिलिंडर नहीं मिल पा रहा, ऐसे में धंधा बंद करने से अच्छा है, पुराने ही ढर्रे पर वापस लौटा जाए।

भंडारे व शादी के लिए सिलिंडर की जुगाड़ मुश्किल

गैस की किल्लत का सबसे ज्यादा असर शादी-विवाह व भंडारा जैसे आयोजनों पर पड़ रहा है। जिन घरों में शादी समारोह है और जहां देवी भंडारा हैं, वहां गैस सिलिंडर की जरूरत होती है, लेकिन सिलिंडर न मिलने से लोगों को जुगाड़ करना पड़ रहा है। कई लोग ऊंचे दामों पर सिलिंडर लेने को मजबूर हैं। शादी समारोह में होने वाली आधुनिक व्यवस्थाएं बिना सिलिंडर के पूरी नहीं का सकेगीं। ऐसे में लोग मिलने जुलने वालों से सिलिंडरों के लिए मिन्नते कर रहे हैं।
सात हजार उपभोक्ताओं के केवाईसी न होने से बढ़ीं परेशानियां



तिर्वा। बिना केवाईसी के गैस आपूर्ति नहीं की जा रही है। एजेंसियों ने नौ महीनों से जिन उपभोक्ताओं ने गैस नहीं ली है और केवाईसी भी नहीं कराई है, उनकी सप्लाई रोक दी है। रविवार को केवाईसी कराने के लिए गैस एजेंसियों पर लोगों की भारी भीड़ लगी रही। वहीं, ऑनलाइन बुकिंग के दौरान सर्वर की समस्या आने से उपभोक्ताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गैस एजेंसी के प्रोपाइटर सुनील कटियार ने बताया कि लगातार उपभोक्ताओं की केवाईसी की जा रही है, ताकि किसी को परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि 35 हजार उपभोक्ता हैं, जिनमें से सात हजार उपभोक्ताओं की केवाईसी अभी बाकी है। संवाद
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