कन्नौज। जिले के किसान कल्याण केंद्रों और सरकारी बीज केंद्रों में अव्यवस्था के कारण किसानों को काफी परेशानी हो रही है। सरकार डिजिटल इंडिया और पारदर्शी वितरण का दावा कर रही है पर हकीकत अलग है। बुनियादी सुविधाओं के अभाव से अन्नदाता मुसीबत में हैं।
छिबरामऊ की निगम मंडी के पास स्थित कृषि कल्याण केंद्र किसानों के लिए कष्ट का केंद्र बन गया है। मक्का और मूंगफली की बोआई का सीजन नजदीक है, पर बीज के लिए किसान भटक रहे हैं। चिलचिलाती धूप में घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी उन्हें अगले दिन आने का आश्वासन मिलता है। किसानों का आरोप है कि रसूखदार लोगों को तरजीह दी जाती है।
सौरिख के कायमपुर सड़क स्थित कृषि रक्षा इकाई पर भी मूंगफली के बीज के लिए हाहाकार मचा है। कई किसान चार दिनों से दस्तावेज जमा कर खाली हाथ लौट रहे हैं। उन्होंने कर्मचारियों पर खास लोगों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया। गोदाम प्रभारी आशीष कुमार ने बताया कि 200 क्विंटल मुफ्त मूंगफली बीज में से 150 क्विंटल बांटा जा चुका है। मक्का का 10 क्विंटल बीज नकद उपलब्ध है और वितरण पारदर्शी है। जिला कृषि अधिकारी संतलाल गुप्ता ने बताया कि छिबरामऊ की निगम मंडी के पास किसान कल्याण केंद्र वर्ष 2022 में बना था। उन्होंने कहा कि पहले केवल बिल्डिंग का ही बजट मिला था। अब वहां बैठने और वाटर कूलर की व्यवस्था की जाएगी। यह कदम किसानों की सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
महिला किसानों का दर्द
बीज के लिए लाइन में लगी महिला किसान ममता देवी और राजकुमारी ने अपनी पीड़ा बताई। उन्होंने कहा कि वे घर का कामकाज छोड़कर सुबह से लाइन में लगती हैं। इसके बाद शाम को केंद्र पर ताला लटका मिलता है। नगला विशुना के गोविंद और हरभानपुर के रामसेवक को भी कागजी कार्रवाई के नाम पर तीन दिन से दौड़ाया जा रहा है।
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