न्नौज। गंगा का जलस्तर शनिवार को फिर एक सेंटीमीटर बढ़कर 125.430 मीटर हो गया। यह खतरे के निशान से करीब 54 सेंटीमीटर नीचे है। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्राें के हालात पर कोई असर नहीं पड़ा है। उधर, काली नदी भी उफना रही है। ग्रामीणों को संक्रामक बीमारी की चिंता सताने लगी है। प्रशासन द्वारा राहत व बचाव कार्य के साथ जरूरी दवा व खाद्य सामग्री वितरित कर सहायता पहुंचाई जा रही है।
गंगा का जलस्तर बढ़ने की वजह से कटरी क्षेत्र के कासिमपुर, बक्सीपुर्वा, कटरी गंगपुर, गंगूपुर्वा, दाईपुर, चौराचांदपुर, मेहंदीपुर, महमूदपुर बीजा, गुमटिया, सलेमपुर तारा बांगर, चौधरियापुर बांगर, जुकइया, चांदापुर बांगर, डहलेपुर, नाहरघाटी आदि गांवाें में पानी भरा हुआ है।
जलस्तर कम होने से गांवों में संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ गई है। कई गांवों में कीचड़ व दलदल अधिक हो गया है। मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। सीएमओ डॉ. स्वदेश गुप्ता ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों की टीम को तैनात किया गया है। बीमार लोगों की जांच कर आवश्यक दवाइयां दी जा रही हैं।
अपर जिलाधिकारी आशीष कुमार सिंह का कहना है कि जल स्तर कम हो रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की हर पल निरंतर निगरानी की जा रही है। ग्रामीणों को जरूरी खाद्य सामग्री व दवा बांटी जा रही हैं, ताकि उन्हें किसी तरह की दिक्कत न हो। स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया है कि वह बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शिविर लगाकर मरीजों की जांच करें व आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराएं।