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Kannauj News: बजट ने रोकी जल जीवन मिशन योजना की रफ्तार

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कन्नौज। बजट के अभाव में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन की रफ्तार पर ब्रेक लग रहा है। कार्यदाई संस्थाओं को अकतूबर 2024 से बजट नहीं मिला है। इस कारण संस्थाएं नियमित गति से कार्य नहीं करा पा रही हैं। यही वजह है कि 316 में से 143 टैंक से ही आपूर्ति शुरू हो सकी है। दो निर्मित टैंकों से अभी आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। शेष 171 ओवरहेड टैंकों का निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है।
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प्रत्येक घर तक नल से जल पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2019 में शुरू की गई जल जीवन मिशन योजना के तहत जिले में 316 पानी की टंकियां निर्मित की जा रही हैं। यहां हैदराबाद की जीवीपीआर व वीएसए कंपनी को टंकी निर्माण का ठेका मिला है। इनमें से जीवीपीआर द्वारा 119 व वीएसए द्वारा 24 ओवरहेड टैंक बनाकर तैयार किए जा चुके हैं। ब्लाॅक कन्नौज में 26, जलालाबाद में सात, गुगरापुर में सात, उमर्दा में 25, हसेरन में 12, छिबरामऊ में 34, तालग्राम में 11 व सौरिख में 23 टंकियों से सप्लाई शुरू हो चुकी है। शेष 171 टंकियों के निर्माण कार्य की गति चार माह से काफी धीमी हो गई है। इसके पीछे कंपनियों को समय से बजट न मिलना बड़ी वजह हो सकती है।
बताया जा रहा कि कार्यदायी संस्थाओं को बजट नहीं मिला है। 51 करोड़ से अधिक का भुगतान लटकने से कंपनियों के सामने मैन पावर व मशीनरी उपलब्ध कराने की समस्या खड़ी है। हालांकि योजना की अवधि को तीन वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है। इससे कार्यदायी संस्थाओं व विभागीय अधिकारियों को राहत मिली है। जीवीपीआर के स्थानीय प्रतिनिधि रौनक पटेल का कहना है कि अक्तूबर 2024 से बजट नहीं मिला है, 51 करोड़ से अधिक का भुगतान रुका है। इस कारण मशीनरी व मेन पावर की समस्या आ रही है। बरसात की वजह से भी निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। सभी टंकियाें का निर्माण समय से पूरा कर लिया जाएगा।
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अधिशासी अभियंता, जल निगम (ग्रामीण) सुरेंद्र कुमार 145 ओवरहेड टैंक तैयार हो चुके हैं। इनमें से 143 टंकियों से जलापूर्ति शुरू की जा चुकी है। शेष टंकियाें का काम लगभग 50 प्रतिशत तक कंप्लीट है, जिसे दिसम्बर 2027 तक पूर्ण कर लिया जाएगा।



मंत्री ने भी जताई थी नाराजगी



समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने भी 28 अगस्त को जल जीवन मिशन योजना की समीक्षा की थी और जलालपुर सरवन गांव में जाकर टंकी का निरीक्षण भी किया था। उन्होंने जिले में सभी योजनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश अधिशासी अभियंता को दिए थे। साथ ही यह भी चेतावनी दी थी कि यदि परियोजना में कोई भ्रष्टाचार हुआ तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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