फोटो:21 कासिमपुर गांव में नाव पर बैठकर जाते लोग। संवाद
कन्नौज। गंगा के बढ़ रहे जलस्तर ने कटरी क्षेत्र के बाशिंदों की समस्याएं बढ़ा दी हैं। गंगा नदी अब खतरे के निशान से महज 29 सेंटीमीटर नीचे बह रही हैं। पानी की तेज लहरों से कटान बढ़ने लगा है। इससे कटरी क्षेत्र के गांवों का हाल काफी खराब है। उधर, उफनाती काली नदी ने भी आम लोगों की दिक्कतें बढ़ा दी हैं। कटरी क्षेत्र में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों की ओर तेजी से पलायन करने लगे हैं।
पिछले चार दिनों से प्रतिदिन नरौरा बांध से पानी छोड़ा जा रहा है। इससे गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और कटरी क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सोमवार को 2.67 लाख क्यूसेक, मंगलवार को 2.60 लाख क्यूसेक व बुधवार को दो लाख क्यूसेक पानी और छोड़ दिया गया। इससे गंगा नदी व काली नदी में उफान आ गया है। मंगलवार को जलस्तर 125.540 मीटर था, जो बुधवार को बढ़कर 125.680 मीटर पर पहुंच गया। एक ही दिन में जलस्तर 14 सेंटीमीटर तक बढ़ गया है। तेजी से जलस्तर बढ़ने से कटरी क्षेत्र के गांव मेहंदीपुर, कटरी गंगपुर, महमूदपुर बीजा, गुमटिया, चौरा चांदपुर, सलेमपुर तारा बांगर, चौधरियापुर बांगर, जुकइया, चांदापुर बांगर, डहलेपुर आदि गांवाें में कटान बढ़ता जा रहा है और गंगा व काली नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। कटान बढ़ने से ग्रामीण दहशत में हैं और सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन कर रहे हैं।
एडीएम आशीष कुमार सिंह का कहना है कि संभावित बाढ़ के खतरे काे देखते हुए सुरक्षा व बचाव के सभी इंतजाम किए गए हैं। तटवर्ती इलाकों में राजस्व व बचाव दल को लगाया गया है। सभी बाढ़ प्रभावितों का विवरण रजिस्टर में अंकित किया जा रहा है। ताकि जरूरत पड़ने पर सहायता व राहत पहुंचाई जा सके। प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है। निचले इलाके में रहने वाले लोगों को ऊंचाई पर जाने के लिए कहा गया है।