तिर्वा (कन्नौज)। राजकीय मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को पुलिस विभाग ने साइबर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की। इसमें विशेषज्ञों ने ऑनलाइन खरीदारी और गेम्स से बढ़ते साइबर ठगी के खतरे पर लोगों को सतर्क किया। बताया कि डिजिटल दुनिया में ऑनलाइन माध्यमों से डाटा चोरी के मामले बढ़ रहे हैं। कार्यशाला में कानपुर परिक्षेत्र के महानिदेशक आलोक सिंह, पुलिस उपमहानिरीक्षक हरीश चंदर और साइबर विशेषज्ञ रक्षित टंडन शामिल हुए।
रक्षित टंडन ने बताया कि छोटी लापरवाहियां ठगी का शिकार बनाती हैं। फर्जी ईमेल आईडी से गलत बैंक खाते भेजे जाते हैं। लोग बिना जांच भुगतान कर देते हैं। उन्होंने व्यापारियों को भुगतान से पहले खातों की जांच करने की सलाह दी। छात्रों को ऑनलाइन गेम्स से दूर रहने की अपील की। कई गेम्स यूजर्स की निजी जानकारी एकत्र कर उसका दुरुपयोग करते हैं। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को मोबाइल उपयोग में सावधानी बरतनी चाहिए। 16 देशों में 16 साल तक के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध है। 16 साल से पहले सोशल मीडिया पर सक्रिय होने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। इंटरनेट सुविधाजनक होने के साथ जोखिम भरा भी है। इस दौरान डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, एसपी विनोद कुमार, एएसपी अजय कुमार, सीओ कुलवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
ऑनलाइन माध्यमों से डाटा लीक
महानिदेशक आलोक सिंह ने कहा कि क्राइम का जरिया अब जेब में है। पहचान और पैसे का विवरण मोबाइल में है, इसलिए सावधान रहना जरूरी है। सबसे ज्यादा डाटा लीक ऑनलाइन माध्यमों से हो रहा है। उन्होंने बैंक कर्मचारियों से सक्रिय रहकर साइबर ठगी पर लगाम लगाने को कहा। कार्यशाला का उद्देश्य लोगों को जागरूक कर सुरक्षित डिजिटल जीवन देना था।
साइबर सुरक्षा के उपाय
विशेषज्ञों ने ऑनलाइन ऐप और ईमेल का पासवर्ड एक समान न बनाने की सलाह दी। जन्म तिथि या साधारण शब्दों में पासवर्ड बनाने से बचें। सिम कार्ड पर पिन लगाएं और मोबाइल चोरी होने पर संचारी ऐप पर शिकायत दर्ज कराएं। आधार ऐप डाउनलोड कर बायोमेट्रिक पर लॉक लगाएं और सोशल मीडिया से दूरी बनाएं। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर सूचना दर्ज कराएं।
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इन बातों पर बरते सावधानियां
- किसी भी ऑनलाइन एप, ई-मेल समेत अन्य का पासवर्ड एक सामान न बनाए
- जन्म तिथि व साधारण शब्दों में किसी भी प्रकार के एप का पासवर्ड न बनाए
-सिम कार्ड पर पिन लगाए जिससे मोबाइल चोरी हो जाए तो आपके सिम का उपयोग कर बैंक खाते से लेनदेन न कर सके।
-मोबाइल चोरी हो जाने पर भारत सरकार द्वारा जारी संचारी एप पर शिकायत दर्ज कराए
-मोबाइल पर आधार एप डाउनलोड कर बायोमेट्रिक पर लॉक लगा दें
-सोशल मीडिया से दूरी बनाए सबसे अधिक डाटा सोशल मीडिया से चोरी हो रहा
-साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर सूचना दर्ज कराएं