तालग्राम थाना क्षेत्र के ऊमरपुर में गांव के बाहर अलग-अलग खेतों में राष्ट्रीय पक्षी मोर के शव पड़े मिले है। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम पहुंची। मोरों के शव को कब्जे में लेकर पशु चिकित्सालय पहुंचाए। वन विभाग के अधिकारियों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
थाना तालग्राम क्षेत्र के ऊमरपुर गांव के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि वीरेंद्र कुमार और ग्रामीणों ने वन विभाग व थानाध्यक्ष को सूचना दी कि उनके गांव के राजाराम के अरहर के खेत में कई मोर मरे पड़े हैं। इसके अलावा सुरजन के खेत में खड़े पेड़ के नीचे मोर मरे हैं।
इसके अलावा तीतर बटेर भी जगह-जगह मरे पाये गए हैं। इस पर वन रेंजर गुरसहायगंज एके मिश्रा, वन दरोगा सैय्यद हसन वन रक्षक सुरेश चंद्र के अलावा थानाध्यक्ष आरपी पांडेय और चौकी प्रभारी अमर बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे। अलग-अलग स्थानों पडे़ मोर के शव को कब्जे में लिया है। ग्रामीणों से पूछताछ भी की गई। बताया जाता है कि आसपास के खेतों में मक्का, उर्द, मूंग की बुआई के समय बीजों के उपचार के लिए कीटनाशक का प्रयोग करते हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि उपचारित बीज खाने से मोराें की मौत हुई है।
डा. विकराल कुमार व राजेश वर्मा, सुभाष चंद्र कौशिक ने मोरों के शव का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद वन विभाग के दरोगा सैय्यद हसन व सुरेश चंद्र ने ग्रामीणों और राजपत्रित अधिकारी डॉ. विकराल के सामने मोरों का जंगल में दाह संस्कार कर दिया।
वन रेंजर एके मिश्रा ने बताया कि छह मोर मरे मिले हैं। आशंका है कि खेतों में बीज खाने से मौत हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही असलियत का पता चल सकेगा। थानाथ्यक्ष आरपी पांडेय ने बताया कि वन विभाग चाहे तो फौती दर्ज कराकर जांच करा सकते हैं। राष्ट्रीय पक्षी की मौत स्वाभाविक हुई है।