कन्नौज/तालग्राम। जिले में आलू की फसल के बाद दूसरे नंबर पर मक्का की फसल होती है। इस बार खरीफ की मक्का में विदेशी कीट फॉल आर्मी वर्म का हमला हो गया है। जिले के कई गांवों में प्रकोप बढ़ने से फसल खराब होने लगी है। इससे किसान परेशान हैं।
इस समय तालग्राम ब्लाक के अमोलर, सीतापुर्वा, दलापुर्वा, ताहपुर, गदोरा, नैपालपुर, माधौनगर, सलेमपुर समेत कई गांवों और जिले के अन्य ब्लाकों में मक्का की फसल में यह कीट देखने को मिल रहा है। किसान इस कीट से फसल को बचाने के लिए छिड़काव समेत अन्य विधियां अपना रहे हैं। नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। इससे कई जगह नुकसान हो रहा है।
कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक फसल बोने के महज 15 दिनों के बाद फॉल आर्मी वर्म कीट इल्ली के रूप में फसल को बर्बाद कर देता है। कीट का आक्रमण होने पर दवा काम नहीं करती है। यह कीट पूरे साल बना रहता है। आसपास मक्का न मिलने पर धान, गन्ना, कपास और सोयाबीन पर हमला कर देता है। कीट के एक माह के बाद पंख निकलते हैं। यह कीट एक घंटे में सौ किलोमीटर तक सफर तय कर सकते हैं।
तीन हजार हेक्टेयर मक्का की फसल प्रभावित : डॉ. कनौजिया
कृषि विज्ञान केंद्र अनौगी के प्रभारी डॉ. वीके कनौजिया का कहना है कि जिले में 15 हजार हेक्टेयर से ज्यादा में मक्का की फसल की जाती है। मौजूदा समय करीब तीन हजार हेक्टेयर मक्का की फसल फॉल आर्मी वर्म से प्रभावित है। इसका सबसे ज्यादा असर ठठिया, तालग्राम और उमर्दा क्षेत्र में देखा गया है। किसानों को फॉल आर्मी वर्म के लिए नीम तेल और मिथाइलबेंजोएट का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है। पौधों पर कीट और अंडे दिखाई देने पर उखाड़ कर जमीन में दबा दें। कीटों पर नियंत्रण हो जाएगा।
गांवों का दौरा कर देनी चाहिए सलाह
तालग्राम ब्लाक के बड़ी कुड़री गांव के किसान दीवान सिंह का कहना है कि इस कीट पर नियंत्रण के लिए कृषि विभाग को ठोस कदम उठाने चाहिए। गांवों का दौरा कर किसानों की फसलों देखने के बाद उचित सलाह देनी चाहिए। पिछले साल इसका प्रयोग हल्का था। इस बार ज्यादा हो रहा है। बारिश कम होने से भी यह तेजी से बढ़ा है।