फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kannauj News: कीटनाशकों के छिड़काव से खत्म हो रहे टिमटिमाते जुगनू

विज्ञापन
विज्ञापन
तालग्राम (कन्नौज)। रात में अपनी टिमटिमाती रोशनी से मनमोह लेने वाले जुगनू अब खत्म होने की कगार पर हैं। विशेषज्ञों के अनुसार जुगनुओं के खत्म होने का मुख्य कारण खेतों में रासायनिक कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव है, जिसके कारण उनके प्राकृतिक आवास खत्म हो रहे हैं।
विज्ञापन

वन्य जीव विशेषज्ञों के अनुसार जुगनू घास, झाड़ियों और दलदली इलाकों में रहना बेहद पसंद करते हैं। भूमि उपयोग में बदलाव के कारण इनके रहने के प्राकृतिक स्थान मिटते जा रहे हैं। प्रकाश प्रदूषण उनके जीवन चक्र को सीधे तौर पर प्रभावित कर रहा है। जुगनू केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं, बल्कि जैव विविधता और पारिस्थितिकीय तंत्र का अहम हिस्सा हैं। इनका तेजी से घटता अस्तित्व पर्यावरण प्रेमियों और वैज्ञानिकों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

जैविक खेती को मिले बढ़ावा
गुरसहायगंज वन रेंजर राकेश कुमार चितौड़िया का कहना है कि घास की हरियाली और कीटनाशक का छिड़काव जुगनू के विलुप्त होने का सबसे बड़ा कारण है। हालांकि इसके संरक्षण के लिए अभी कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने बताया कि खेतों के आसपास घास, झाड़ियों और दलदली क्षेत्रों को नष्ट न किया जाए। कीटनाशकों का सीमित उपयोग हो। जैविक खेती को बढ़ावा मिले, जिससे जुगनू जैसे कीट जीवित रह सकें। प्रकाश प्रदूषण को नियंत्रित किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें