कन्नौज। छह साल पुराने नाबालिग से छेड़छाड़ और मारपीट के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने गुरुवार को आरोपी को दोषी मानते हुए पांच वर्ष का कारावास सुनाया। साथ ही 27 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
कोतवाली छिबरामऊ के सैय्यदबाड़ा मोहल्ला निवासी फरहान और रिजवान के विरुद्ध धारा 354, 323, 506 आईपीसी और पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पीड़िता की तहरीर के अनुसार 27 अगस्त 2019 की दोपहर एक बजे वह पांच अन्य लड़कियों के साथ स्कूल से पैदल घर जा रही थी। तभी मुंसफी वाली गली में आरोपी रिजवान और फरहान ने उसका हाथ पकड़ लिया और छेड़छाड़ करने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और धमकी देकर भाग गए।
घटना के समय पीड़िता की उम्र दस्तावेजों के अनुसार 12 साल सात माह 26 दिन थी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 11 सितंबर 2019 को आरोपी फरहान और 15 सितंबर 2019 को आरोपी रिजवान को हिरासत में लिया था। विवेचना के बाद पुलिस ने चार मार्च 2023 को आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। इससे पहले आरोपी रिजवान की मौत हो चुकी थी।
कोर्ट में अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य और गवाह पेश किए। पीड़िता के बयान और मेडिकल दस्तावेजों के आधार पर आरोपी फरहान को दोषी पाया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने टिप्पणी की कि नाबालिग बच्चियों के साथ छेड़छाड़ जैसे अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा हैं। ऐसे मामलों में कठोर सजा दिया जाना आवश्यक है ताकि समाज में संदेश जाए।