उद्यान विभाग की योजनाओं से किसान बड़ी आसानी के साथ आर्थिक रूप से समृद्ध बन सकते हैं। राष्ट्रीय बागवानी मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, ड्रिप व स्प्रिंकलर योजनाओं में किसानों को प्रति हेक्टेयर के हिसाब से अनुदान दिया जाएगा। योजनाओं में किसानों का चयन पहले आओ, पहले पाओ के तहत होगा। योजना के लिए लाभार्थी बनने वाले किसानों का पंजीकरण शुरू हो गया है। राष्ट्रीय बागवानी विकास मिशन योजना के तहत अमरूद नवीन उद्यान रोपण के लिए आठ हेक्टेयर का लक्ष्य तय किया गया है।
इसमें किसानों को प्रति हेक्टेयर 11500 का अनुदान मिलेगा। सामान्य वर्ग के लिए आम नवीन रोपण के लिए भी आठ हेक्टेयर का लक्ष्य है। इसमें 7 हजार 600 रुपये का अनुदान है। अनुसूचित जाति के लिए आम नवीन उद्यान रोपण योजना में दो हेक्टेयर का लक्ष्य है। इन फसलों में अधिकतम चार हेक्टेयर पर ही अनुदान देय है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में किसानों को प्रति हेक्टेयर बीस हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। इसमें 45 हेक्टेयर का लक्ष्य है।
इस योजना में किसान लौकी, कद्दू, तरोई, खीरा, ककड़ी, करेला की फसल कर सकते हैं। .2 से .4 हेक्टेयर तक फसल करने पर लाभ मिलेगा। अनुसूचित जाति के लिए औद्योगिक विकास योजना में करीब साढ़े ग्यारह हेक्टेयर का लक्ष्य तय किया गया है। कद्दू वर्गीय सब्जियों में 37 हजार 500, शंकर शिमला मिर्च में 37 हजार, मसाला मिर्चा में 27 हजार, संकर धनिया में 27, लहसुन में 27, रोज कटिंग में 90, गेंदा में 36, जैविक खाद में 3 हजार 500 रुपया प्रति हेक्टेयर का अनुदान दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ड्रिप सिंचाई (टपक सिंचाई), स्प्रिंकलर (फव्वारा सिंचाई) के लिए 44 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इस योजना में किसान को लागत का 67 फीसदी अनुदान मिलेगा। इस सिंचाई से फसलें करने पर काफी हद तक पानी की बर्बादी को रोका जा सकता है।
इस मामले में कन्नौज के जिला उद्यान अधिकारी मुन्ना यादव ने कहा कि पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर सभी योजनाओं में लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। पौध रोपण कार्यक्रम में 15 मई से तीस सिंतबर तक पंजीकरण किया जाएगा। कद्दू वर्गीय सब्जियों के लिए तीस जुलाई, ड्रिप/स्प्रिंकलर के लिए तीस नवंबर, संरक्षित खेती (ग्रीन हाउस) के लिए बीस नवंबर तक पंजीकरण होगा।